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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 19, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

RIP Khayyam: 'ख़य्याम साहब मुझे अपनी छोटी बहन मानते थे', निधन पर भावुक हुईं Lata Mangeshkar

By Manoj VashisthEdited By:
Published: Mon, 19 Aug 2019 11:52 PM (IST)Updated: Tue, 20 Aug 2019 07:38 AM (IST)

Veteran Music Director Khayyam Passes Away लता मंगेशकर ने कहा कि ख़य्याम साहब उनके लिए बेहतरीन गाने तैयार करते थे। उनके जाने से एक युग का अंत हो गया।

RIP Khayyam: 'ख़य्याम साहब मुझे अपनी छोटी बहन मानते थे', निधन पर भावुक हुईं Lata Mangeshkar
RIP Khayyam: 'ख़य्याम साहब मुझे अपनी छोटी बहन मानते थे', निधन पर भावुक हुईं Lata Mangeshkar

नई दिल्ली, जेएनएन। हिंदी सिनेमा के दिग्गज संगीतकार ख़्य्याम साहब के निधन से बॉलीवुड में शोक छा गया है। शब्दों में अपने संगीत से जान डालने के उनके हुनर को याद कर सेलेब्रिटीज़ भावुक हो रहे हैं। ख़ासकर सुरों की मल्लिका लता मंगेशकर ख़य्याम के निधन से बेहद दुखी हैं। लता ने कई हिट और यादगार गाने ख़य्याम साहब के निर्देशन में गाये हैं। उन्होंने ट्वीट करके ख़य्याम साहब के संगीत को याद किया और श्रद्धांजलि दी। 

लता मंगेशकर ने लिखा- महान संगीतकार और नेक दिल इंसान ख़य्याम साहब आज हमारे बीच नहीं रहे। यह सुनकर मुझे इतना दुख हो रहा है, जो मैं बयां नहीं कर सकती। ख़य्याम साहब के साथ संगीत के एक युग का अंत हुआ। मैं उनको विनम्र श्रद्धांजलि देती हूं। लता ख़य्याम साहब के साथ अपने रिश्ते को याद करते हुए लिखती हैं- ख़य्याम साहब मुझे अपनी छोटी बहन मानते थे। वो मेरे लिये अपनी ख़ास पसंद के गाने बनाते थे। उनके साथ काम करते वक़्त बहुत अच्छा लगता था और थोड़ा डर भी लगता था। क्योंकि वो बड़े परफेक्शनिस्ट थे। उनकी शायरी की समझ बहुत कमाल थी। इसीलिए मीर तकी मीर जैसे महान शायर की शायरी उन्होंने फिल्मों में लायी। दिखाई दिये यूं जैसी ख़ूबसूरत ग़ज़ल हो या अपने आप रातों में जैसे गीत, ख़य्याम साहब का संगीत हमेशा दिलों को छू जाता था। राग पहाड़ी उनका पसंदीदा राग था। 

ऐसी ना जाने कितनी बातें याद आ रही हैं। वो गाने, वो रिकॉर्डिंग याद आ रही हैं। ऐसा संगीतकार शायद फिर कभी नहीं होगा। मैं उनको और उनके संगीत को वंदन करती हूं। 

ख़य्याम और लता की जोड़ी के यादगार गाने- 

कभी-कभी मेरे दिल में ख़्याल आता है- कभी-कभी

मोहब्बत बड़े काम की चीज़ है- त्रिशूल

जानेमन तुम कमाल करते हो- त्रिशूल

आजा रे ओ मेरे दिलबर आजा- नूरी

दिखाई दिये यूं- बाज़ार

हज़ार राहें मुड़के देखीं- थोड़ी सी बेवफ़ाई