अनुप्रिया वर्मा, मुंबई. रणवीर सिंह कहते हैं कि आज वह जिस मुकाम पर हैं, वहां पहुँचने में उन्हें वक़्त लगा लेकिन उन्होंने अपनी मेहनत से जगह बनाई है. रणवीर कहते हैं कि ऐसा नहीं है कि मैंने संघर्ष नहीं किया है. रणवीर कहते हैं कि मेरे परिवार के लिए भी वह दौर मुश्किल था. हर परिवार में उतार चढ़ाव होता ही है. जिस वक़्त मंदी का दौर था, उस वक़्त फिल्में नहीं बन रही थीं. खास कर नए लड़कों को लेकर कोई फिल्में नहीं बनाना चाह रहा था, उस वक्त मैं अपने आपको यह बात कहता था कि तू टेंशन मत ले, तुझमें है वह बात है. तू बस काम करते रहे और तेरा टाइम आएगा.

रणवीर कहते हैं कि जो लोग बाहर से आकर मुंबई में अपना कमाल दिखाना चाहते हैं. आसान नहीं होता है. मुंबई में देश भर से सपने लेकर आते हैं. यहां काफी स्ट्रगल होता है. रणवीर कहते हैं कि मैं मुंबई में पला बढ़ा हूं. लेकिन मैंने भी साढ़े तीन साल स्ट्रगल किया है. रणवीर कहते हैं कि मैं नया नया था कोई ब्रेक नजर नज़र नहीं आ रहा था. वह दौर मेरे लिए मुश्किल था, अमेरिका में पढ़ कर आया था. लेकिन नौकरी नहीं थी. फिनांशियल परेशानी थी. बता दें कि जब उन्होंने निराश होकर एक्टिंग छोड़ने का फैसला कर लिया था. वह कहते हैं कि उन्हें लग रहा था कि वह फिल्मी दुनिया में अपनी जगह नहीं बना पायेंगे, क्योंकि उनकी किसी फिल्मी हस्ती से जान-पहचान नहीं थी. रणवीर ने कहा, वह मेरा स्ट्रगल पीरियड था. जब मैं 10 वीं क्लास में था, तो मुझे लगा कि मैं मेनस्ट्रीम एक्टिंग में नहीं आ पाऊंगा, क्योंकि मैं किसी बड़ी फिल्म हस्ती से ताल्लुक नहीं रखता हूं.

उन्होेंने फिर सोचा कि कुछ ऐसा किया जाये कि जो कि उनके वश में हो. इसलिए उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ़ अमेरिका में आगे की पढ़ाई करने का फैसला ले लिया. हालांकि वहां रजिस्ट्रेशन बंद हो चुके थे और रणवीर को पता चला कि वहां सिर्फ एक्टिंग क्लास में स्लॉट खाली था. इसलिए उन्होंने वहां एडमिशन ले लिया. रणवीर ने आगे कहा कि उन्हें पहले दिन ही परफॉर्म करने के लिए कहा गया. सभी को उनकी परफॉरमेंस पसंद आयी. तब उन्हें पता चला कि वह अच्छे परफॉर्मर हैं. 

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Posted By: Manoj Khadilkar