शबाना की श्रद्धा, राजेश खन्ना की भक्ति.... 3 सिंगर्स ने गाया मां अंबे का ये भजन; जगराते में सुन रो देते हैं लोग
43 साल पहले मां अंबे की भक्ति पर तीन दिग्गज सिंगर्स ने एक ऐसा भजन गाया था, जो आज भी ...और पढ़ें

43 सालों से मां की भक्ति में लीन कर रहा है ये भजन/फोटो- यूट्यूब
HighLights
43 सालों से जगराते- पंडालो में खूब बजता है ये भजन
शबाना आजमी का गाने में दिखा भक्ति भाव
तीन सिंगर्स की मधुर आवाज में बना सदाबहार
एंटरटेनमेंट डेस्क,नई दिल्ली। मां की भक्ति और बॉलीवुड के तार एक-दूसरे से काफी पुराने समय से जुड़े हुए हैं। हिंदी सिनेमा में कई ऐसे गीत हैं, जिन्हें दुर्गा पूजा पांडाल में नवरात्र के दौरान बजाया जाता है। नवरात्र के मौके पर इन दिनों हर कोई मां अंबे की भक्ति में लीन हैं।
नवरात्र के पावन अवसर पर हम आपको 43 साल पुराने एक ऐसे भक्ति गीत के बारे में बता रहे हैं। जो आज भी दुर्गा पांडालों में खूब बजता है। लोगों के दिलों में बस चुका कौन सा है ये गीत जिसे तीन सिंगर्स ने मिलकर गाया, चलिए बताते हैं।
राजेश खन्ना का भजन सुनकर रो देते हैं लोग
जिस भजन का जिक्र हम अपने इस लेख में कर रहे हैं, वह 43 साल पहले राजेश खन्ना (Rajesh Khanna) और शबाना आजमी पर फिल्माया गया भक्ति गीत है। गाने के लिरिक्स हैं 'चलो बुलावा आया है माता ने बुलाया है (Chalo Bulawa Aya Hai, Mata Ne Bulaya Hai)। यह गाना साल 1983 में रिलीज हुई फिल्म 'अवतार' (Avtaar Movie) का है, जिसमें राजेश खन्ना और शबाना आजमी ने पति पत्नी की भूमिका निभाई थी।

बीमार बच्चे को अस्पताल ले जाते हुए फिल्माया गया गाना
अवतार में मां अंबे का ये भजन कहानी का हिस्सा है। दरअसल, फिल्म के एक सीन में दिखाया गया है कि अवतार और उनकी पत्नी बेटे के बीमार होने से काफी परेशान हो जाते हैं। जिसके बाद वह माता रानी के दर्शन के लिए पैदल यात्रा पर निकलते हैं। उसी दौरान ये गीत बजता है, जहां बेटे के बीमार होने से परेशान शबाना आजमी आंखों में आंसू लिए रोती हुईं अंबे मां की श्रद्धा में लीन नजर आती हैं, तो वहीं राजेश खन्ना भी भक्ति में डूबे दिखाई दिए।
Video Credit- Shemaroo
तीन सिंगर्स ने मिलकर गाया था ये भक्ति गीत
मां अंबे का भक्ति भजन 'चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है' में एक सिंगर नहीं, बल्कि तीन अलग-अलग सिंगर्स ने सुर लगाए थे। इस गीत को आशा भोसले (Asha Bhosle), नरेंद्र चंचल और महेंद्र कपूर ने मिलकर गाया था, तो इसका म्यूजिक लक्ष्मीकांत प्यारेलाल ने लिखा था। इस भजन के लिरिक्स आनंद बख्शी ने लिखे थे। ये गाना आज भी जगरातों-पांडालो और घरों में नवरात्र के मौके पर खूब बजाया जाता है।
