यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 26, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Pankaj Udhas Ghazals: 'चिट्ठी आई है' से लेकर 'ना कजरे की धार' तक, दिल में उतर जाती हैं पंकज उधास की ये गजलें
मशहूर गजल गायक Pankaj Udhas का आज 26 फरवरी को निधन हो गया। इस बात की जानकारी उनकी की बेटी ...और पढ़ें

HighLights
- मशहूर गजल गायक पंकज उधास का निधन
- 72 साल की उम्र में ली अंतिम सांस
- पंकज उधास की बेस्ट गजलें
एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। हिंदी सिनेमा को अपनी गजलों से सजाने वाले लोकप्रिय गायक पंकज उधास ने हमेशा के लिए आंखें मूंद ली हैं। सोमवार शाम को उनके निधन की खबर ने संगीतप्रेमियों को झकझोर दिया। 72 साल की उम्र में अलविदा कहने वाले पंकज उधास ने अपने चार दशक लम्बे करियर में कई यादगार गीत और गजलें दी हैं, जो अब यादों में डूब-उतरा रही हैं।
अपनी मधुर आवाज के लिए मशहूर गजल गायक पिछले काफी समय से स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे। उनके निधन से संगीत जगत में एक खालीपन आ गया है, जिसे कभी नहीं भरा जा सकेगा। चलिए जानते हैं, उनकी कई ऐसी गजलें, जिन्होंने हर तन्हा दिल को बेहद सुकून पहुंचाया है।
चिट्ठी आई है
पंकज उधास की सबसे लोकप्रिय और पसंदीदा गजलों में से एक 'चिट्ठी आई है' आज भी लोगों के जुबान पर है। यह फिल्म महेश भट्ट निर्देशित फिल्म 'नाम' से है, जिसमें संजय दत्त और अमृता सिंह लीड रोल में थे। यह गजल फिल्म में पंकज पर ही फिल्माई गई थी।
मत कर इतना गुरूर
'आदमी खिलोना है' फिल्म के गीत 'मत कर इतना गुरूर' को भी पंकज उधास ने अलका याग्निक के साथ मिलकर गया। यह फिल्म 1993 में रिलीज हुई थी। इसमें मीनाक्षी शेषाद्रि, जीतेंद्र, रीना रॉय, गोविंदा मुख्य भूमिका में नजर आए थे।
ना कजरे की धार
'ना कजरे की धार' बॉलीवुड फिल्म 'मोहरा' का गीत है। यह फिल्म 1994 में रिलीज हुई थी। पंकज उधास की आवाज में यह गीत सुनील शेट्टी और पूनम झाबर पर फिल्माया गया था।
'चांदी जैसा रंग है तेरा'
चांदी जैसा रंग है तेरा, सोने जैसे बाल...फिल्म 'एक ही मकसद' का यह गीत खूब सुना जाता है। प्रवीण भट्ट निर्देशित फिल्म का यह गीत राज किरण और दिव्या राणा पर फिल्माया गया था।
'जीएं तो जीएं कैसे'
म्यूजिकल ब्लॉकबस्टर साजन में पंकज उधास की आवाज में जीएं तो जीएं कैसे गीत बेहद लोकप्रिय हुआ था। इस फिल्म में संजय दत्त, सलमान खान और माधुरी दीक्षित ने लीड रोल्स निभाये थे। फिल्म में संजय शायर सागर के किरदार में थे। पंकज सागर की लिखी नज्म को ही गीत के रूप में पेश करते हैं।
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परिवार के नक्शेकदम पर चलकर बनाया करियर
पंकज उधास का जन्म 17 मई, 1951 को जेतपुर, गुजरात में हुआ था। उनके बड़े भाई मनहर उधास प्रसिद्ध गजल गायक थे। दूसरे भाई निर्मल उधास भी चर्चित गजल गायक थे। पंकज ने फिल्मों में गायकी के साथ एलबम्स के लिए भी गजल और गीतों को आवाज दी, जिनमें से कुछ बेहद पॉप्युलर हुए।
