मुंबई, जेएनएन। चैत्र नवरात्र शक्ति की आराधना का पर्व है और नवदुर्गा के रूप ऊर्जा का स्रोत हैं। उनकी आराधना के पीछे भाव भी यही है कि उनका अंश हमारे व्यक्तित्व में इस प्रकार समाहित हो जाए कि जीवन के प्रत्येक क्षेत्र को हम सफल बना सकें। साथ ही नकारात्मकता को सकारात्मकता में परिवर्तित कर सकें। दरअसल, सिनेमा एक ऐसा क्षेत्र है जिसमें जीवन के हर रंग सुख-दुख, उत्सव, उमंग, तनाव, सामाजिक समस्याओं से लेकर जीवन के हर पहलू को पर्दे पर दिखाया गया है। मां के प्रति भक्ति भाव से मिली सकारात्मकता के साथ सपनों को हकीकत में बदलने का उत्साह व प्रेरणा जगाती ऐसी अनेक बॉलीवुड फिल्में बनी हैं। जिनका संगीत में भक्ति भाव की झलक देखने को मिलती है। आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ सॉन्ग्स के बारे में..।

‘चलो बुलावा आया है’

अवतार फिल्म में अपने बीमार बच्चे को गोद में लेकर उसके जीवन की आस लगाए बेबस मां-बाप जब माता वैष्णों देवी के दर पर पहुंचते हैं। देवी मां उनकी इच्छा को पूर्णा करती हैं और उनके बच्चे की जान बच जाती है। इस गाने को महेंद कपूर, आशा भोसले और नरेंद चंचल ने गाया है।

‘जय अंबे जगदंबे माँ’

साल 1994 में आई फिल्म क्रांतिवीर के क्लाइमेक्स में जब देवी उत्सव के दौरान भक्तिभाव में डूबे नायक पर गोलियां बरसाई जाती हैं तो ये माता की भक्ति की शक्ति ही होती है कि उसका बाल भी बाका नहीं होता।

‘जेएमडी’

वरुण धवन और आलिया भट्ट अभिनीत फिल्म 'बद्रीनाथ की दुल्हनिया’ में अपारशक्ति खुराना का किरदार जगराते में गाना गाता है। फिल्म में जय माता दी के उद्घोष भक्तिमय माहौल बना देता है।

‘माँ मेरी माँ से मिला दे मुझे’

साल 1985 में रिलीज हुई अमिताभ बच्चन की फिल्म ‘मर्द’ में मां शेरोंवाली गीत अमिताभ बच्चन पर फिल्माया गया है। इसमें उन्होंने अपनी मां से मिलाने की प्रार्थना की है। शब्बीर कुमार ने इस गीत में अपनी आवाज दी है, इस फिल्म अनु मलिक में म्यूजिक दिया है। वहीं गाने के संबंध में अनु मलिक ने बता करते हुए कहा कि, बचपन से ही मैं माता रानी का भक्त रहा हूं। जब भी किसी से मिलता हूं तो जय माता दी जरूर बोलता हूं और ये मेरा पहला गाना था। जो मैंने माता रानी पर जो बनाया था। ‘मां मेरी मां से मिला दे मुझे... ममता का मैं वास्ता दूं तुझे।’

‘माँ शेरावालिएं तेरा शेर आ गया’

अनु मलिक ने फिल्म ‘खिलाडिय़ों के खिलाड़ी’ के दौरान अक्षय कुमार से हुई मुलाकात का किस्स शेयर करते हुए बताया कि, वो जब भी लोगों से मिलते थे तभी उन्हें जय माता दी बोलते थे। इसलिए मुझसे जब इस फिल्म के निर्देशक उमेश मेहरा ने पूछा कि माता की कोई भेंट है क्या तुम्हारे पास। मेरे दिमाग में एक मुखड़ा आया कि ‘मां शेरावालिए तेरा शेर आ गया, अपने खून से नहलाने तेरा बेटा आ गया।’ इस गाने को निर्देशक के सामने पेश कर कहा कि मां के सामने आप इससे ज्यादा और क्या दे सकते हैं। आज भी ये गाना अक्षय के दिल के सबसे करीब है।’

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