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मेघना गुलजार ने शेयर की माता-पिता की चाय-समोसा खाते हुए तस्वीर, रेखा भारद्वाज ने लिखा- माशाअल्लाह

विक्की कौशल की सैम बहादुर बीते साल रिलीज हुई थी। फिल्म में उन्होंने फील्ड मार्शल सैम बहादुर का किरदार निभाया था। इस फिल्म को मेघना गुलजार ने डायरेक्ट किया था। मेघना जाने माने गीतकार गुलजार और राखी की बेटी हैं। वैसे तो मेघना अपनी पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ को बहुत अलग-अलग रखती हैं लेकिन हाल ही में उन्होंने एक फैमिली फोटो शेयर की है।

By Surabhi Shukla Edited By: Surabhi Shukla Wed, 10 Jul 2024 02:47 PM (IST)
मानसून एंजॉय करते हुए राखी और गुलजार

एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। मेघना गुलजार जानी मानी राइटर, डायरेक्टर और प्रोड्यूसर हैं जिन्होंने इंडस्ट्री को सैम बहादुर, छपाक, राजी और तलवार जैसी फिल्में दी हैं। वह हिंदी सिनेमा के मशहूर संगीतकार-गीतकार गुलजार और अभिनेत्री राखी गुलजार की बेटी हैं। हाल ही में उन्होंने अपने माता-पिता की एक बहुत ही सुंदर तस्वीर शेयर कर फैंस को खुश कर दिया।

इंस्टाग्राम पर फोटो शेयर करते हुए मेघना ने लिखा - "समोसे, चाय और बारिश...ब्लिस!" निर्देशक के ये पोस्ट देखते ही फैंस तस्वीर पर जमकर प्यार लुटाने लगे। एक यूजर ने लिखा, 'गुलजार साहब को देखकर बहुत अच्छा लगा। ऐसी ही तस्वीर शेयर करते रहा करिए।' एक अन्य ने पोस्ट पर कमेंट किया, "चाय और गुलजार साहब- यूनीक कॉम्बिनेशन। वहीं 12th फेल एक्टर विक्रांत मैसी ने कमेंट सेक्शन में दिल और बुरी नजर वाला इमोजी बनाकर अपनी खुशी जाहिर की। सिंगर रेखा भारद्वाज ने लिखा, "माशाअल्लाह।"

पहली बार दिखीं रेखा

मेघना ने जो तस्वीर शेयर की है उसमें राखी चमकीले पीले रंग की कुर्ती में बड़े ही प्यार से अपने पोते को समोसा खिलाती नजर आ रही हैं। वहीं गुलजार साहब भी बगल के सोफे पर सफेद कुर्ता-पायजामा पहने हुए बैठे हैं। वहीं राखी के पास बैठे मेघना के पति किसी बात को लेकर मुस्कुरा रहे हैं।

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मेघना ने लिखा था गुलजार के लिए पोस्ट

इससे पहले साल 2020 में जब गुलजार 86 साल के हुए थे तो मेघना ने अपने पिता के लिए एक प्यारा सा नोट शेयर किया था। मेघना ने लिखा था," मुझे पता है कि मैं सुरक्षित हूं क्योंकि उनकी बांहें मुझे पकड़ती हैं। मुझे पता है कि मैं सही रास्ते पर चलती हूं, क्योंकि उनकी छोटी उंगली मुझे रास्ता दिखाती है। वह सेल्युलाइड में डूबा हुआ है इसलिए मुझे पता है कि मैं लिख सकता हूं। क्योंकि उसकी स्याही मुझमें बहती है। क्योंकि वह मानता है कि मैं हूं।"

गुलजार ने हिंदी सिनेमा को कई बेहतरीन नाम दिए हैं। उन्होंने एक गीतकार के तौर पर अपने करियर की शुरुआत बलराज साहनी की फिल्म 'काबुलीवाला' से की थी। उन्होंने कई फिल्मों में बेहतरीन गाने लिखे और कई फिल्में डायरेक्ट कीं।'माचिस','आंधी','मौसम','खुशबू', 'परिचय' और 'कोशिश'इन्हीं में से एक हैं।

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