नई दिल्ली, जेएनएन। सत्या मनोज बायपेयी के करियर का एक यादगार पड़ाव है तो भीखू म्हात्रे इस सफर का सबसे अहम किरदार। इस फिल्म ने बैंडिट क्वीन के डाकू मान सिंह की परवाज को पंख दिये और मनोज बाजपेयी हिंदी सिनेमा की उस पीढ़ी के सबसे दमदार अभिनेताओं में से एक बनकर उभरे।

भीखू म्हात्रे को जितनी चर्चा मिली, उतना ही लोकप्रिय हुआ इस फिल्म में उन पर फिल्माया गया गाना सपने में मिलती है कुड़ी मेरी... इस गाने में शेफाली शाह ने पूरा साथ दिया। लगभग तीन दशक बाद भी कुड़ी मेरा गाना याद किया जाता है। अब इस गाने को नये कलेवर के साथ पेश किया है विनोद भानुशाली के हिट्ज म्यूजिक ने। 

अभिमन्यु, ध्वनि के साथ मनोज

गाने का नया वर्जन बुधवार को रिलीज कर दिया गया। इस रिक्रिएशनल वर्जन में अभिमन्यु दसानी और ध्वनि भानुशाली थिरक रहे हैं। गाने को कोरियोग्राफ किया है गणेश आचार्य ने। कुड़ी मेरी गाने को नये रूप में परोसा है लिजो जॉर्ज और डीजे चेतस ने। गाने के बोलों में थोड़ी तब्दीली की गयी है। कुमार ने इस काम को अंजाम दिया है। यश नार्वेकर और ध्वनि ने आवाजें दी हैं।

गाने का वीडियो अभिमन्यु और ध्वनि से शुरू होता है और बीच में मनोज बाजपेयी की एंट्री होती है। सूट-बूट पहने हाथ में गोल्डन पिस्तौल लिये मनोज का ये 'गैंगस्टा स्टाइल' असली भीखू म्हात्रे के मुकाबले काफी शरीफ लगता है, जिसके कट आउट पूरे वीडियो में देखे जा सकते हैं। गाने को लेकर मनोज ने कहा कि जब इस क्लासिक गाने को फिर से बनाने की जानकारी मिली तो काफी खुशी हुई थी। उम्मीद है कि नई पीढ़ी इसे पसंद करेगी। इस वीडियो को शूट करते हुए कई पुरानी यादें ताजा हो गयीं। 

मनोज के साथ डांस करने को लेकर ध्वनि ने कहा कि मनोज सर एक बेहतरीन इंसान हैं। उन्होंने वीडियो को बहुत कुछ दिया है। रिहर्सल के दौरान अभिमन्यु के साथ हमने खूब मजे किये थे। अभिमन्यु ने मनोज के साथ काम करने पर खुशी जाहिर की। गणेश ने कहा कि यह ऐसा गाना है, जिस पर हम सभी लोग विभिन्न मौकों पर डांस कर चुके हैं। मनोज सर के साथ यह सब करने का एक अलग ही रोमांच है। 

निर्माता विनोद भानुशाली ने कहा कि इस कल्ट क्लासिक गीत को दोबारा बनाने के पीछे नई पीढ़ी को जोड़ने क मकसद है, जिन्होंने गाना नहीं सुना, वो इससे जुड़ सकेंगे।

आशा, सुरेश ने दी थी आवाज

बता दें, राम गोपा वर्मा निर्देशित सत्या 1998 में रिलीज हुई थी। सौरभ शुक्ला और अनुराग कश्यप ने फिल्म लिखी थी। फिल्म के गाने गुलजार ने लिखे थे और संगीत विशाल भारद्वाज ने दिया था। ओरिजिनल गाने को आशा भोंसले और सुरेश वाडेकर ने आवाज दी थी।

Edited By: Manoj Vashisth

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