मुंबई। 25 फरवरी को दिव्या भारती का बर्थडे था।  दिव्या भारती की बात करें तो उनकी मौत आज भी एक रहस्य बनी हुई है। महज 19 साल की उम्र में इस दुनिया से विदा लेने वाली दिव्या ने बहुत ही कम समय में इंडस्ट्री में अपनी पहचान बना ली थी।

दिव्या भारती ने अपने अभिनय की शुरुआत तेलुगु फ़िल्म बोब्बिली राजा से साल 1990 में की। लेकिन, उन्हें बड़ी सफलता हिंदी फ़िल्म 'विश्वात्मा' से मिली। साल 1992 तक आते-आते भारती ने स्वयं को बॉलीवुड में स्थापित कर लिया था। साल 1992 में आयी फ़िल्म 'दीवाना' से दिव्या को स्टारडम मिला। यह शाह रुख़ ख़ान की डेब्यू फ़िल्म थी।

23 फरवरी को अभिनेत्री मधुबाला Madhubala की पुण्यतिथि भी मनाई गयी। महज 36 साल की उम्र में ही इस दुनिया के रंगमंच से अपना किरदार निभा कर विदा लेने से पहले मधुशाला ने अपने अभिनय से हिंदी सिनेमा के आकाश पर एक ऐसी अमिट छाप छोड़ दी कि आज भी कई अभिनेत्रियां उन्हें अपना रोल मॉडल मानती हैं।मधुबाला दिल की बीमारी से पीड़ित थीं जिसका पता 1950 में चल चुका था। लेकिन, यह सच्चाई सबसे छुपा कर रखी गयी। लेकिन, जब हालात बदतर हो गये तो ये छुप ना सका। जीवन के आखिरी नौ साल उन्हें बिस्तर पर ही बिताने पड़े। तमाम दर्द को झेलते हुए 23 फरवरी 1969 को वह इस दुनिया को अलविदा कह कर चली गईं। मधुबाला का करियर चरम पे था जब वो बीमार हुईं और अंततः बेहद ही कम उम्र में ही उनके निधन से सिनेमा का बड़ा नुक्सान हुआ!

मधुबाला के अलावा अगर कम उम्र में ही मौत होने वाली अभिनेत्रियों की बात करें तो साल 2013 में अमिताभ बच्‍चन जैसे महानायक के साथ अपने करियर की शुरुआत करने वाली जिया ख़ान के मौत की जब ख़बर आई तब वो महज 25 साल की थीं। बता दें कि जिया साल 2013 में 3 जून को अपने घर पर मृत पाई गई थीं। उन्होंने गले में फांसी लगा कर आत्महत्या की थी लेकिन, उनकी मां ने अदालत में जिया के ख़ास दोस्त सूरज पंचोली के ख़िलाफ़ केस दर्ज़ करते हुए आरोप लगाया कि जिया सूरज के साथ पिछले दो दिन से रह रही थी और उसी दिन अपने घर वापस आई थी जिसके बाद उसने ये कदम उठाया। उसने सूरज की वजह से मौत को गले लगाया है। उसी साल अक्टूबर में जिया ख़ान की मां ने मुंबई हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया और सीबीआई जांच की मांग करते हुए दावा किया कि उनकी बेटी की हत्या की गई है। मुंबई की एक अदालत ने जिया ख़ान के मौत के लिए सूरज के ख़िलाफ़ आईपीसी की धारा 306 (आत्महत्या के लिए उकसाना) के तहत आरोप तय कर दिया है और अब इस मामले में तफ़तीश चल रही है। हालांकि, अभी इस मामले में फैसला नहीं आया है। ज़ाहिर है जिया का असमय जाना कहर बनकर उनकी मां पर टूटा। सूरज ने अदालत में ख़ुद को निर्दोष बताया है।

हाल के वर्षों में एक और मौत काफी चर्चित रही। ‘बालिका वधु’ सीरियल में आनंदी के किरदार से घर-घर में अपनी पहचान बनाने वाली टीवी अभिनेत्री प्रत्युषा बनर्जी की मौत को भला कौन भूल सकता है? 2016 में जब प्रत्युषा ने जब सुसाइड किया तब वो महज 25 साल की थीं!

कम उम्र में मौत को गले लगाने वाली अभिनेत्रियों में एक नाम स्मिता पाटिल का भी है।

13 दिसंबर 1986 को महज 31 साल की उम्र में ही नेशनल अवॉर्ड विनिंग एक्ट्रेस स्मिता पाटिल के निधन से बॉलीवुड चौंक सा गया था! राज बब्बर के बेटे प्रतीक बब्बर को जन्म देते ही वो गुज़र गयी थीं। उनका जाना हिंदी सिनेमा का एक बड़ा नुक्सान माना गया।

Posted By: Hirendra J

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