'बरेली में झुमका गिराने' वाला वो गीतकार... झेला बंटवारे का दर्द, Lata Mangeshkar को दिए सदाबहार हिट गाने
बॉलीवुड को आइकॉनिक गानों से सजाने वाले दिग्गज गीतकार (Indian Lyricist) पाकिस्तान में जन्मे लेकिन बंटवारे के बाद उन्होंने भारत में ही रहने का फैसला किया।

अमर गीत लिखने वाला खुशमिजाज गीतकार। फोटो क्रेडिट- एक्स
HighLights
1947 में गीता दत्त के गाने से मिली थी पहचान
400 से ज्यादा गाने लिख चुके हैं गीतकार
लता मंगेशकर को दिए सबसे ज्यादा कल्ट गाने
एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। 1947 में फिल्म 'दो भाई' (Do Bhai) आई जिसका गीत 'मेरा सुंदर सपना बीत गया' (Mera Sunder Sapna Beet Gaya) सुपरहिट हुआ था। इस गीत ने न केवल गायिका गीता दत्त (Geeta Dutt) को रातोंरात स्टार बना दिया, बल्कि इसे लिखने वाले गीतकार की भी किस्मत चमक गई।
जिस गीतकार ने यह गाना लिखा, वो पहले डायलॉग राइटर के तौर पर काम करते थे। कई फिल्मों में अभिनय भी कर चुके थे। फिर 'दो भाई' के लिए उन्हें गाने लिखने का मौका मिला। इस फिल्म में उन्होंने दो गाने लिखे। एक तो 'मेरा सुंदर सपना बीत गया' और दूसरा गाना 'याद करोगे'। दोनों ही गाने सुपरहिट हो गए और गीतकार की लॉटरी लग गई।
कल्ट गाने लिखने वाले गीतकार
जिस गीतकार की हम बात कर रहे हैं, वो कोई और नहीं 'लग जा गले', 'झुमका गिरा रे' और 'नैना बरसे रिमझिम रिमझिम' जैसे कई आइकॉनिक और कल्ट गाने लिखने वाले सॉन्ग राइटर यानी गीतकार राजा मेहदी अली खान (Raja Mehdi Ali Khan) हैं।

ब्रिटिश इंडिया के वजीराबाद (अब पाकिस्तान) में 23 सितंबर 1919 को जन्मे राजा मेहदी अली खान म्यूजिक इंडस्ट्री का वो नायाब हीरा थे, जिन्होंने लता मंगेशकर, मोहम्मद रफी, आशा भोसले (Asha Bhosle) समेत दिग्गज गायक-गायिकाओं के लिए कल्ट गाने लिखे, जिसे गाकर वे सुपरस्टार्स बन गए।
रेडियो में भी काम कर चुके हैं गीतकार
राजा मेहदी अली खान ने गाने लिखने से पहले कविताएं लिखीं। वह ऑल इंडिया रेडियो (All India Radio) में काम कर चुके थे। यही नहीं, वह बतौर लेखक और डायलॉग राइटर के तौर पर भी पहचाने गए। वह सआदत हसन मंटो (Saadat Hasan Manto) के करीबी थे। उन्होंने सआदत हसन के लिए एक कविता 'अ लेटर फ्रोम पैराडाइस टू मंटो' (A Letter From Paradise to Manto) भी लिखी थी।
गीता दत्त को बनाया रातोंरात स्टार
अपने लेखन के दम पर राजा मेहदी अली खान सिनेमा में अपनी पकड़ बना रहे थे। इसी बीच उनके हाथ लगी 'दो भाई' जिसमें उन्हें गाने लिखने का मौका मिला। उन्होंने अपना पहला ही गाना इतना जबरदस्त लिखा कि सिनेमा में उन्हें एक के बाद एक काम मिलने का सिलसिला शुरू हो गया। हालांकि, जिंदगी में एक और मोड़ आया जिसने उनकी जिंदगी बदल दी।

झेला बंटवारे का दर्द
एक तरफ राजा मेहदी अली खान अपने करियर के पीक पर पहुंचने की तैयारी कर रहे थे। इसी बीच देश का बंटवारा (अगस्त 1947) हो गया। राजा मेहदी अली खान ने फैसला किया कि वह अपने परिवार के साथ भारत में ही रहेंगे। इसके बाद उन्होंने देशभक्ति से जुड़े कई गाने लिखे जो हमेशा-हमेशा के लिए अमर हो गए।
राजा मेहदी अली खान के लिखे सदाबहार गाने
- वतन की राह में
- मैं प्यार का राही हूं
- सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तान हमारा
- लगा जा गले से फिर
- आप की नजरों ने समझा
- मेरा साया साथ होगा
- नैना बरसे रिमझिम रिमझिम
- जो हमने दास्तांन अपनी सुनाई
- झुमका गिरा रे
- अगर मुझसे मोहब्बत है
राजा मेहदी अली खान के सबसे ज्यादा गानों को लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) ने अपनी आवाज दी। करीब दो दशक के करियर में मेहदी अली ने 125 के करीब फिल्मों के लिए 400 से ज्यादा गाने लिखे जो आज कल्ट क्लासिक सॉन्ग्स की लिस्ट में शुमार हैं।
छोटे बच्चों संग बिताया था आखिरी पल
राजा मेहदी अली खान बहुत ही खुशमिजाज किस्म के शख्स थे। ऐसा कहा जाता है कि उन्हें बच्चों से बहुत लगाव था। यही वजह है कि अपना आखिरी पल भी उन्होंने छोटे बच्चों के साथ मस्ती करते हुए बिताया था। 29 जुलाई 1966 को मात्र 50 की उम्र में उनका निधन हो गया था।
