Indian Police Force: रोहित शेट्टी की 'इंडियन पुलिस फोर्स' का दर्शकों ने किया रिव्यू, जानें सीरीज हिट या फ्लॉप?
Indian Police Force Twitter Review रोहित शेट्टी के निर्दशन में बनी इंडियन पुलिस फोर्स आज 19 जनवरी को ओटीटी पर रिलीज हो गई है। इस सीरिज को देखने के बाद अब लोगों ने अपना रिव्यू देना शुरू कर दिया है। ऐसे में अगर आप भी अब इस सीरिज को देखने का प्लान कर रहे हैं तो इससे पहले इन रिव्यू को देख कर अपना मन बना सकते हैं।
एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। Indian Police Force Twitter Review: रोहित शेट्टी के निर्देशन में बनी एक्शन थ्रिलर सीरीज 'इंडियन पुलिस फोर्स' आज 19 जनवरी को ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज हो गई है। इसमें सिद्धार्थ मल्होत्रा, शिल्पा शेट्टी और विवेक ओबेरॉय सहित कई कलाकार मुख्य भूमिका में नजर आ रहे हैं। क्रिटिक्स से इसे मिली-जुली प्रतिक्रिया मिल रही है।
इस सीरीज के ट्रेलर ने दर्शकों में काफी उत्साह पैदा कर दिया था, जिसके बाद कई लोगों ने तो अभी तक सात एपिसोड में रिलीज हुई इस सीरीज को देख भी लिया है। साथ ही इसे देखने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने रिव्यू भी दिए हैं। चलिए जानते हैं दर्शकों को कैसी लग रही है ये सीरीज।
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दर्शकों को कैसी लगी 'इंडियन पुलिस फोर्स'
सिद्धार्थ मल्होत्रा, शिल्पा शेट्टी और विवेक ओबेरॉय अभिनीत इस सीरीज को कुछ लोग काफी पसंद कर रहे हैं। सीरीज में दिखाए गए एक्शन सीन ने काफी ध्यान बटोरा है। चलिए जानते हैं दर्शकों ने इस पर कैसी प्रतिक्रिया दी और यह सीरीज उन्हें पसंद आई या लोगों को बोर किया।
आते ही कर दी इसके दूसरे पार्ट की मांग
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक यूजर ने 'इंडियन पुलिस फोर्स' का रिव्यू करते हुए लिखा, 'क्या शानदार सीरीज है 'इंडियन पुलिस फोर्स' ने देश की ताकत दिखाई है। रोहित सर, क्या डायरेक्शन है। सिद्धार्थ सर, क्या एक्शन सीरीज है, सीजन 2 जल्द आना चाहिए'।
एक अन्य यूजर ने लिखा, 'इंडियन पुलिस फोर्स' काफी मनोरंजक है और विशिष्ट रोहित शेट्टी ब्रह्मांड है। सिद्धार्थ मल्होत्रा और शिल्पा शेट्टी अच्छे हैं, लेकिन इस बार विवेक ओबेरॉय सबसे अच्छे हैं। एक अचूक ब्लॉकबस्टर सीरीज'।
कुछ लोगों को नहीं पसंद आई सीरीज
विजुअल, परफॉरमेंस, बैकग्राउंड स्कोर और गति 5/10 है। इसमें रोमांच की कमी है, रेट्रो फिल्टर की जरूरत नहीं थी। संवाद वितरण अप्राकृतिक थी, गति धीमी थी। दूसरे एपिसोड की समाप्ति के बाद ही यह बेहतर हुआ। ऊबना और रुचिहीन होना आसान है।
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