नई दिल्ली, जेएनएन। आयकर विभाग ने बुधवार को मुंबई में बड़ी कार्रवाई करते हुए अनुराग कश्यप और तापसी पन्नू समेत फ़िल्म इंडस्ट्री से जुड़े कई लोगों के यहां छापे मारे। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह छापामारी अनुराग की फ़िल्म निर्माण कंपनी फैंटम फ़िल्म्स पर कर चोरी के आरोपों को लेकर की गयी। आयकर विभाग की कई टीमों ने मुंबई और पुणे में लगभग 30 लोकेशंस पर रेड की। 

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, इन फ़िल्ममेकर्स के अलावा टैलेंट मैनेजमेंट कंपनी क्वान और रिलायंस एंटरटेनमेंट ग्रुप के सीईओ शिवाशीष सरकार के यहां भी आयकर विभाग ने छापा मारा। इन सबके बीच हुए ट्रांजेक्शंस आयकर विभाग के रडार पर थे और कर चोरी के आरोपों में सबूत इकट्ठा करने के उद्देश्य से छापामारी की गयी। 

फैंटम फ़िल्म का स्थापना अनुराग ने विक्रमादित्य मोटवाने, विकास बहल और मधु मांटेना के साथ 2011 में की थी। कंपनी ने लूटेरा, क्वीन, अगली, एनएच 10, मसान और उड़ता पंजाब जैसी फ़िल्मों का निर्माण किया था। प्रमोटर विकास बहल पर यौन शोषण के आरोप लगने के बाद कंपनी 2018 में डिजॉल्व हो चुकी है। 

अनुराग ने बाद में गुड बैड फ़िल्म्स नाम से अलग कंपनी बना ली, वहीं विक्रमादित्य मोटवाने ने आंदोलन फ़िल्म्स के नाम से अपनी फ़िल्म निर्माण कंपनी शुरू की। क्वान के साथ जुड़ाव के चलते मधु मांटेना के यहां भी आयकर विभाग ने छापामारी की। 

बता दें, अनुराग कश्यप और तापसी पन्नू सोशल मीडिया में काफ़ी सक्रिय रहे हैं और ज्वलंत मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते रहे हैं। अनुराग कश्यप पर एक बॉलीवुड एक्ट्रेस ने शारीरिक उत्पीड़न के आरोप भी लगाये थे, जिसकी जांच चल रही है। अनुराग कश्यप के घर पर लगभग 11 घंटों तक आयकर विभाग की रेड चली।

(Photo- Yogen Shah)

फ़िल्मों की बात करें तो अनुराग ने हाल ही में तापसी के साथ 'दोबारा' फ़िल्म का एलान किया था। इससे पहले दोनों 'मनमर्ज़ियां' कर चुके हैं, जिसमें अभिषेक बच्चन और विक्की कौशल मेल लीड थे। वहीं, विकास बहल टाइगर श्रॉफ के साथ गणपत पार्ट एक बना रहे हैं।

इनकम टैक्स रेड के बाद गर्माई राजनीति

फ़िल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों के यहां छापामारी के बाद महाराष्ट्र में राजनीति भी गर्मा गयी। पीटीआई के मुताबिक़, महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नवाब मलिक ने अनुराग और तापसी के यहां छापामारी को केंद्र सरकार के ख़िलाफ़ बोलने वालों की आवाज़ दबाने की कार्रवाई करार दिया। साउथ मुंबई में विधान भवन के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा- ईडी, सीबीआई और इनकम टैक्स जैसी केंद्रीय जांच एज़ेंसियों का इस्तेमाल करके उन लोगों को निशाना बनाया जा रहा है, जो सरकार के ख़िलाफ़ आवाज़ उठा रहे हैं।