'यहां हम खुद प्रोडक्ट...' Harleen Sethi ने फिल्म इंडस्ट्री को बताया सेल्स की दुकान, ट्रोलर्स को लेकर कही ऐसी बात
अभिनेत्री हरलीन सेठी ने फिल्म इंडस्ट्री को 'सेल्स की दुकान' बताया, जहां कलाकार खुद 'प्रोडक्ट' होते हैं और खुद को पेश करना जरूरी है।
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कॉमेडी फिल्म में नजर आएंगी हरलीन सेठी
HighLights
फिल्म इंडस्ट्री को हरलीन ने 'सेल्स की दुकान' बताया
ट्रेन्ड न होने पर करनी पड़ी दोगुनी मेहनत
ट्रोलिंग से बचने के लिए कमेंट्स नहीं पढ़ती कमेंट्स
प्रियंका सिंह, मुंबई। कलाकारों की भीड़ में फिल्मकारों को याद दिलाते रहना होता है कि मैं भी हूं। यह कहना है 'ब्रोकेन बट ब्यूटीफुल', 'कोहरा', 'काठमांडू कनेक्शन', 'शक – ट्रस्ट नो वन' समेत की वेब सीरीज में काम कर चुकी अभिनेत्री हरलीन सेठी का।
इंटरनेट पर काम डालना जरूरी
बड़े पर्दे के लिए अपनी नई कामेडी फिल्म पर काम कर रही हरलीन कहती हैं कि आपको खुद को सामने पेश करना जरूरी है। कोई भी इंडस्ट्री हो, काम के अलावा भी कई फैक्टर होते हैं, जो आपको सफलता की ओर लेकर जाते हैं। लोगों से मिलना, अपना काम इंटरनेट मीडिया पर डालना, दिखना जरूरी है, ताकि आप याद रहें। काम मांगने में शर्म नहीं होनी चाहिए।
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किस्मत से मिलता है काम
किसी फिल्मकार का काम पसंद है, तो उसमें कह दें कि आपका काम पसंद है, अगर मेरे लिए कोई रोल होगा, तो बुलाइएगा। मैं मानती हूं कि यह कठिन काम है, सेल्स की नौकरी की तरह है, जहां सुबह उठकर आप फोन लगाते हैं कि ये सामान ले लो, यहां हम खुद ही प्रोडक्ट हैं, लेकिन अपने आपको सही तरीके से पेश करना अहम है। फिल्मकारों ने मुझे वह जिम्मेदारी दी है कि मैं जटिल रोल कर लेती हूं। लेकिन बहुत सारा काम इस इंडस्ट्री में आपको किस्मत से मिलता है।
अक्षय कुमार की बात नहीं भूलीं एक्ट्रेस
अक्षय कुमार जी ने यह बात कही थी कि सही समय पर, सही जगह पर होना जरूरी है। बहुत सारे प्रतिभाशाली कलाकार हैं, सब अच्छा काम करना चाहते हैं, लेकिन उस समय पर, उस निर्माता-निर्देशक के सामने होना, आपका आडिशन उन्हें पसंद आना जरूरी है। ऐसा नहीं है कि मेहनत नहीं करनी है, लेकिन समय के साथ मेरी समझ यही भी कहती हैं कि किस्मत भी चाहिए।

अभिनय में प्रशिक्षित न होना, क्या सेट पर हरलीन को सीनियर कलाकारों के सामने डराता है?
इस पर वह कहती हैं कि जब मैं डांस सीखती थी, तो मेरे डांस टीचर एशले लोबो ने मुझे सिखाया था कि फेक इट टिल यू मेक इट यानी जब तक कामयाब न हो जाओ, कामयाब होने का नाटक करते रहो। मैं इस बात को पकड़कर चली हूं, जब अभिनय नहीं आता था, तब भी ऐसे दिखाती थी कि सब आता है।
आडिशन रूम में यही सोचकर जाती थी कि मैं कर लूंगी। मुझे तो ऐसे लोगों के साथ काम करने का मौका मिला है, जो मुझसे बहुत सीनियर हैं, विक्रांत मेस्सी, परिणीति चोपड़ा, शरद केलकर मंझे हुए कलाकार हैं, उनके सामने काम करते वक्त खुद को यकीन दिलाना था कि मैं कर लूंगी। अभिनय सीखा नहीं है, इस कारण मेरी मेहनत दोगुनी हो जाती है।
हरलीन ने कहा था कि वह हीरोइन वाले रोल के पीछे नहीं भागती हैं। लेकिन क्या उनका मन नहीं करता की जटिल किरदारों से निकलकर थोड़े हल्के-फुल्के रोल किए जाएं?
कैसी वेब सीरीज करना चाहती हैं हरलीन
इस पर आगे हरलीन कहती हैं कि पिछले कुछ सालों से मेरा इरादा केवल सीखने का रहा है, क्योंकि मैं प्रशिक्षित कलाकार नहीं हूं। मैंने थिएटर नहीं किया है, नेशनल स्कूल आफ ड्रामा या एफटीआईआई (फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट आफ इंडिया) से अभिनय की पढ़ाई नहीं की है। मुझे लगता है कि जितने अलग लोगों के साथ मैं काम करूंगी, उतना सीखने को मिलेगा। वह ख्याल आता है कि गाने मिल जाएं, रोड ट्रिप वाली वेब सीरीज मिल जाए।
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फिलहाल एक कामेडी फिल्म का हिस्सा भी बन गई हूं, जिसे फरहाद सामजी निर्देशित कर रहे हैं। सिनेमाघरों में वह फिल्म रिलीज होगी। हालांकि मैंने कभी अपने काम को प्लेटफार्म के हिसाब से नहीं देखा। मेरे करियर का लालच अच्छा काम और किरदार रहे हैं। काम सीखो और अच्छे लोगों के साथ काम करो। लोग कहते हैं कि बाक्स आफिस पर फिल्मों का रिलीज होना जरूरी है, लेकिन ओटीटी पर काम करने की ट्रेनिंग की वजह से मेरा ध्यान ही उस ओर नहीं जाता है।
फिल्मों का नहीं है एक्ट्रेस को लालच
ओटीटी पर आप तीन फिल्मों के बराबर का काम एक ही शो में करते हैं। आपके आसपास वहां कलाकार होते हैं, स्टार्स नहीं। मेरा सफर मजेदार रहा है, इसलिए फिल्मों का लालच नहीं हुआ। वैसे भी मुझे लगता है कि जब तक पूरी फिल्म की जिम्मेदारी आप पर न हो, तब तक बाक्स आफिस का दबाव भी नहीं लेना चाहिए। मैं जिस कामेडी फिल्म में हूं, उसमें और भी कई कमाल के कलाकार हैं।
हरलीन ने इंटरनेट मीडिया पर होने वाली ट्रोलिंग को लेकर कहा था कि कुछ तो लोग कहेंगे लोगों का काम है कहना। वह इस बात पर कायम है, वह आगे कहती हैं कि हम कितनों के पीछे भागेंगे। आखिरकार खुद के साथ सही से रहना होगा। पहले कलाकारों को कहा जाता था कि मोटी चमड़ी कर लो, लेकिन अब यह बात हर किसी पर लागू होती है। ज्यादातर लोग इंटरनेट मीडिया पर हैं।
अगर वह सेलिब्रिटी नहीं है, तो उस स्तर की ट्रोलिंग भले ही न झेलें, लेकिन उनके ही लोगों के बीच ट्रोल हो जाते हैं। मेरा यही मानना है कि जो आपको पोस्ट करना है, करें, फिर कमेंट्स न पढ़ें, नहीं तो खुद से दूर हो जाएंगे।
