नई दिल्ली, जेएनएन। पर्दे के इस पार और उस पार, ज़िंदगी में बाग़ी तेवर अपनाते हुए आगे बढ़ना आसान नहीं होता। कई पड़ाव ऐसे आते हैं, जहां समझौता करना पड़ता है। मगर नाम, नीना गुप्ता हो तो समझौते की गुंजाइश कम ही रह जाती है। नीना की ज़िंदगी ऐसे ही ज़िद और जुनून के वाकयों से भरी पड़ी है। 4 जुलाई 1959 को दिल्ली में जन्मीं नीना आज उम्र के 60वें पड़ाव पर पहुंच गयी हैं।

नीना ने एक अभिनेत्री डायरेक्टर और प्रोड्यूसर ही नहीं एक एंकर और राइटर के रूप में भी अपनी एक अलग पहचान कायम की है। उन्होंने सनावर लॉरेंस स्कूल से पढा़ई की। उसके बाद उन्होंने मास्टर डिग्री संस्कृत में हासिल की। संस्कृत को लेकर अपने देश में एक ऐसा माहौल है, जिसमें ग्लैमर का रंग दूर-दूर तक नहीं दिखता! लेकिन, नीना इस लिहाज़ से भी एक मिसाल हैं कि उन्होंने अपने ज़िद और जूनून से अपनी एक नयी दुनिया बनाई।

नीना गुप्ता एक मंझी हुई अभिनेत्री हैं। नेशनल स्कूल ऑफ़ ड्रामा से पढ़ाई करने के बाद नीना ने फ़िल्मों में करियर शुरू किया। साल 1994 में आई फ़िल्म ‘वो छोकरी’ के लिए उन्होंने बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस का नेशनल अवॉर्ड जीता था। साथ ही नीना ने कई अंतर्राष्ट्रीय फ़िल्मों में भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इनमें ‘गांधी’, ‘इन कस्टड’', ‘कॉटन मेरी’ जैसी फ़िल्में शामिल रही हैं। ‘जाने भी दो यारों’, ‘मंडी’, ‘उत्सव’, ‘गुल गुलशन गुलफाम’, ‘खलनायक’, जैसी फ़िल्मों के अलावा टीवी शोज़ ‘भारत एक खोज से’ लेकर ‘जस्सी जैसी कोई नहीं’ और ‘दिल से दिया वचन’ आदि में उनके कामों को समझा जा सकता है!

नीना की बेबाक़ी तब चर्चा में आईं जब उनके पास काम नहीं था और उन्होंने साफ़ शब्दों में सोशल मीडिया पर यह बात कही कि- ‘मैं मुंबई में रहती हूं और काम करती हूं। अच्छी कलाकार हूं और अच्छे काम की तलाश में हूं।’ इस पोस्ट के बाद ही उन्हें अनुभव सिन्हा की ‘मुल्क’ जैसी फ़िल्म मिली और उनके इस दो टूक बयान की खूब सराहना भी हुई थी। पिछले साल रिलीज़ हुई बेहद कामयाब फ़िल्म बधाई हो में नीना के किरदार में अभिनय के प्रति उनका जुनून साफ़ नज़र आया। फ़िल्म में उन्होंने मध्यवर्गीय परिवार की एक ऐसी उम्रदारज़ मां का रोल निभाया, जिसका बेटा अपनी शादी का इंतज़ार कर रहा है। किरदार की चुनौती को नीना ने ना सिर्फ़ स्वीकार किया, बल्कि अभिनय की एक नई लकीर खींची।

आज क्रिकेटर और बॉलीवुड अभिनेत्रियों के रिलेशनशिप से लेकर शादी तक की बात सामने आती रहती है। लेकिन, अस्सी के दशक में नीना गुप्ता मशहूर क्रिकेटर विवियन रिचर्ड्स के साथ अपने अफेयर को लेकर काफी चर्चा में रहीं। उन्होंने साल 1989 में विवियन रिचर्ड्स से शादी किए बिना ही बेटी मसाबा को जन्म दिया था। बिन ब्याही मां बनकर भी उनके चेहरे पर कोई शिकन नहीं आई।

शादी के बिना सिंगल मदर बनने के इस फ़ैसले की वजह से उन्हें काफ़ी विरोध का सामना करना पड़ा, मगर यहां भी नीना ने हार नहीं मानी और विरोधियों को भी झुकना पड़ा। नीना की मानें तो भले ही विवियन से उन्होंने शादी नहीं की, लेकिन उनकी बेटी मसाबा लगातार विवियन से संपर्क में रहती हैं। एक सफल फैशन डिजाइनर बन चुकी मसाबा अपनी मां नीना गुप्ता को अपना रोल मॉडल मानती हैं।

Posted By: Manoj Vashisth

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