नई दिल्ली, जेएनएन। हिंदी सिनेमा में अपने अभिनय से पर्दे पर अमिट छाप छोड़ने वाली खूबसूरत और दिग्गज अदाकारा माला सिन्हा का जन्म 11 नवंबर, 1936 कोलकाता में हुआ था। उनके पिता बंगाली और मां नेपाली थीं। माला सिन्हा साठ और सत्तर के दशक की शानदार अभिनेत्रियों में से एक हैं। उन्होंने बॉलीवुड के कई बड़े कलाकारों के साथ काम किया और खूब नाम कमाया था। माला सिन्हा ने हिन्दी के अलावा बंगला और नेपाली फिल्मों में भी काम किया है। वह अपनी प्रतिभा और खूबसूरती दोनों के लिए जानी जाती रही हैं।

माला सिन्हा ने बाल कलाकार के तौर पर अभिनय की दुनिया में कदम रखा था। उन्होंने शुरुआत की कई बंगाली और नेपाली फिल्मों के लिए काम किया था। माला सिन्हा ने बतौर मुख्य अभिनेत्री हिंदी सिनेमा फिल्म बदशाह के अपने करियर की शुरुआत की थी। उनकी यह फिल्म साल 1954 में आई थी। इसके बाद माला सिन्हा ने प्यासा, धूल के फूल, अनपढ़, दिल तेरा दीवाना, आंखें, गीत और ललकार सहित कई फिल्मों में काम किया था।

1950 से 1970 के बीच माला सिन्हा सबसे ज्यादा कामयाब और चर्चित अभिनेत्री थीं। उन्होंने सौ से ज्यादा फिल्मों में काम किया था। अपने दौर में माला सिन्हा ने देवानंद, धर्मेन्द्र, मनोज कुमार, राजेंद्र कुमार और शम्मी कपूर सहित कई बड़े अभिनेताओं के साथ काम किया था। उस समय वह बड़े निर्माता- निर्देशक केदार शर्मा, बिमल राय, सोहराब मोदी, बी.आर. चोपड़ा, यश चोपड़ा, अरविंद सेन, रामानंद सागर, शक्ति सामंत, गुरुदत्त, विजय भट्ट, ऋषिकेश मुखर्जी, सुबोध मुखर्जी, सत्येन बोस जैसों की पहली पसंद थीं।

माला सिन्हा से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा भी है। यह किस्सा उस समय का है जब वह धर्मेंद्र की फिल्म आंखें की शूटिंग के लिए सिंगापुर में थीं। उस समय फिल्मी की पूरी टीम को डिनर छोड़कर शानदार होटल से वापस आने के बाद अपने रूम पर अचार रोटी खानी पड़ी थी। दरअसल आंखे फिल्म की निर्माता शॉ ब्रदर्स थे। वह फिल्म के साउथ ईस्ट एशिया के डिस्ट्रीब्यूटर थे। वह हांगकांग की अमीर शख्सियतों में से थे।

शॉ ब्रदर्स के छोटे भाई ने सिंगापुर में फिल्म आंखे की शूटिंग का इंतजाम किया हुआ था। माला सिन्हा का गाना वहां पर फिल्माया गया था। एक दिन शॉ ब्रदर्स ने फिल्म यूनिट को खाने पर बुलाया। इस दावत के लिए खानसामे को शंघाई से बुलाया था। वहां पर खाने में कच्चा मांस परोसा गया था। जिसको कोई नहीं खा सका। सब वापस भूखे होटल पहुंचे। उस समय निर्देशक रामानंद सागर के कमरे में सब मिले तो किसी ने कहा मेरे पास डबल रोटी है। माला ने कहा कि उनके पास अचार है। अचार के साथ सभी ने ब्रेड खाई।  

Edited By: Anand Kashyap