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    Gandhi Godse Ek Yudh: 'पठान' के सामने 'गांधी गोडसे एक युद्ध' कल, रिलीज हुआ पहला गाना 'वैष्णव जन तो'

    Gandhi Godse Ek Yudh Release On 26th January राजकुमार संतोषी ने हिंदी सिनेमा को कई बेहतरीन फिल्में दी हैं जिनमें अंदाज अपना अपना से लेकर घायल और खाकी शामिल हैं। इन फिल्मों ने कई सालों तक दर्शकों का मनोरंजन किया है। फोटो- स्क्रीनशॉट

    By Manoj VashisthEdited By: Manoj VashisthUpdated: Wed, 25 Jan 2023 05:26 PM (IST)
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    Gandhi Godse Ek Yudh Release On 26th January.

    नई दिल्ली, जेएनएन। 25 जनवरी को शाह रुख खान की फिल्म पठान सिनेमाघरों में रिलीज हो गयी है। फिल्म के लिए दर्शकों के बीच जबरदस्त दीवानगी भी देखी जा रही है। कुछ जगहों पर विरोध की खबरें भी आ रही हैं। पठान के बाद अब गुरुवार को गणतंत्र दिवस पर राजकुमार संतोषी की फिल्म गांधी गोडसे एक युद्ध आ रही है। रिलीज से ठीक एक दिन फिल्म का पहला गाना वैष्णव जन तो रिलीज कर दिया गया है। 

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    दिवंगत नरसिंह मेहता रचित इस गीत को एआर रहमान ने संगीतबद्ध किया है और इसे श्रेया घोषाल ने आवाज दी है। गाने को जैकी भगनानी के रिकॉर्ड लेबल जेजे म्यूजिक की ओर रिलीज किया गया है।

    शांति और प्रेम का संदेश देता है गीत

    गाने के बारे में बात करते हुए एआर रहमान ने कहा- ''राजकुमार सर एक लीजेंड हैं और उनके लिए संगीत बनाना शानदार अनुभव रहता है। वैष्णव जन तो खास गीतों में से एक है, क्योंकि यह गांधी जी का प्रिय भजन है। जब भी इस गीत पर काम करता हूं, शांति और प्रेम की भावना घेर लेती है। उम्मीद है कि सुनने वाले भी इससे प्रभावित होंगे।''

    गाने के लिए करनी पड़ी खास तैयारी- तनीषा

    यह गीत डेब्यूटेंट तनीषा संतोषी पर फिल्माया गया है। तनीषा कहती हैं- ''गांधी गोडसे के बारे में हर बात किसी खजाने से कम नहीं, जिसका मैं हमेशा आनंद उठाऊंगी। वैष्णव जन तो मेरा पहला गाना है। यह मूल रूप से गुजराती भाषा में है, इसलिए लम्बे समय तक इसके लिए तैयारी करनी पड़ी थी।

    इसके अलावा इस बात का भी दबाव था कि दिग्गज गायिका श्रेया घोषाल मेरी आवाज बनी हैं और रहमान सर ने संगीत दिया है। मुझे अपना सर्वश्रेष्ठ देना था। इस गाने में कोरियोग्राफी की कोई गुंजाइश नहीं थी, इसलिए आंखों और जज्बात से इसे जितना सम्भव हो सके एक्सप्रेसिव बनाना था।''

    स्वतंत्रता संग्राम के दौरान गांधी जी ने इस गीत को आंतरिक और बाहरी आजादी का प्रतीक बना लिया था।

    विचारोत्तेजक फिल्म है गांधी गोडसे

    गांधी गोडसे साधारण मसाला फिल्म नहीं है। यह विचारोत्तेजक सिनेमा का प्रतिनिधित्व करती है। फिल्म में महात्मा गांधी और नाथूराम गोडसे के बीच वैचारिक टकराव को समझने की कोशिश की गयी है। फिल्म किसी को सही या गलत नहीं कहती, बस उस द्वंद्व को पेश करती है, जो भारतीय इतिहास के इन दो सबसे चर्चित किरदारों को लेकर हमेशा चलता है। 

    संतोषी ने अपने करियर में कई मास एंटरटेनर फिल्मों का निर्माण-निर्देशन किया है, जिनमें घायल, दामिनी, घातक और खाकी जैसी फिल्में शामिल हैं। गांधी गोडसे संतोषी के उस सिनेमा के अलग फिल्म है। फिल्म में दीपक अंतानी गांधी जी के किरदार में हैं, जबकि चिन्मय मांडलेकर ने गोडसे का रोल निभाया है।