मुंबई। अमिताभ बच्चन के करियर में 'ज़ंजीर' क्या मायने रखती है, यह बात इंडस्ट्री से लेकर उनके फ़ैंस तक जानते हैं। इस फ़िल्म ने अमिताभ के करियर को ज़मीन से आसमान पर पहुंचा दिया था और हिंदी सिनेमा को ऐसा सुपरस्टार दिया, जिसकी आभा आज तक सिनेमा को चमका रही है।

यह बात भी बहुत से सिनेप्रेमी जानते होंगे कि अमिताभ तक पहुंचने से पहले यह फ़िल्म उस दौर के तमाम बड़े अभिनेताओं को ऑफ़र गयी थी, मगर किसी ना किसी वजह से वो इसमें काम करने को राज़ी नहीं हुए। उनमें धर्मेंद्र भी शामिल हैं, जो सत्तर के दशक के टॉप रोमांटिक एक्शन हीरो थे। लगभग 45 साल बाद धर्मेंद्र ने फ़िल्म को लेकर  एक ऐसा राज़ खोला है, जिसकी वजह से वो इसमें काम नहीं कर सके थे। धर्मेंद्र की फ़िल्म 'यमला पगला दीवाना फिर' से 31 अगस्त को रिलीज़ हो रही है, जिसमें वो अपने दोनों बेटों सनी देओल और बॉबी देओल के साथ पर्दे पर लौट रहे हैं। इसी फ़िल्म के प्रमोशन के तहत धर्मेंद्र एक चैनल के चैट शो में शामिल हुए, जिसमें उन्होंने 'ज़ंजीर' से जुड़ा यह राज़ खोला।

धर्मेंद्र ने यह कहकर सबको चौंका दिया कि इस फ़िल्म की कहानी के राइट्स उनके पास थे, जिसे उन्होंने सलीम ख़ान से 17,500 रुपए में ख़रीद लिया था। धर्मेंद्र बताते हैं कि फ़िल्म उनके पास पड़ी रही। इससे पहले प्रकाश मेहरा के साथ 'समाधि' की थी। उन्होंने कहा मुझे दे दो कहानी, मैंने दे दी। मेरी कज़िन ने प्रकाश मेहरा से एक फ़िल्म बनाने को कहा था, उन्होंने मना कर दिया तो मेरी बहन ने मुझे क़सम दे दी कि उनके साथ फ़िल्म नहीं करोगे। इसी वजह से मैंने फ़िल्म छोड़ दी। धर्मेंद्र ने कहा कि मुझे फ़िल्म छोड़ने का दुख है।  

इसी शो में धर्मेंद्र ने यह राज़ भी खोला कि बीआर चोपड़ा की फ़िल्म 'वक़्त' भी उन्हें ऑफ़र की गयी थी, मगर मनपसंद किरदार ना मिलने की वजह से धर्मेंद्र ने फ़िल्म नहीं की। इस कल्ट फ़िल्म में राजकुमार, सुनील दत्त और शशि कपूर ने तीनों भाइयों का किरदार निभाया था। धर्मेंद्र ने बताया कि उन्हें राजकुमार वाला किरदार ऑफ़र किया गया था, जो सबसे बड़े भाई का था, मगर वो चाहते थे कि उन्हें मंझले भाई का रोल करने को मिले, क्योंकि एक बार बड़े भाई का रोल किया तो इसी तरह का किरदार मिलते रहेंगे, जो उस वक़्त उनके करियर के लिए सही नहीं था। धर्मेंद्र कहते हैं कि चोपड़ा साहब टालते रहे तो मैंने भी फिर टाल दिया।

Posted By: Manoj Vashisth