एआर रहमान का बड़ा बयान, कहा- 'ऑस्कर में गलत फिल्में भेजता है भारत, खुद को पश्चिमी के स्थान पर रखने की जरूरत'
बता दें कि हाल ही में एआर रहमान ने आरआरआर की शानदार जीत के बाद एसएस राजामौली की टीम को बधाई दी थी। एआर रहमान ने ट्वीट कर कहा था कि भविष्यवाणी की गई थी और आप इसके लिए अच्छी तरह से योग्य है।

नई दिल्ली, जेएनएन। AR Rahman On Oscars: ऑस्कर अवॉर्ड 2023 की ग्रैंड सेरेमनी का आयोजन 12 मार्च को लॉस एंजेलिस में हुआ। ऑस्कर अवॉर्ड में हर बार की तरह इस बार भी पूरी दुनिया की शानदार फिल्में शामिल हुईं। वहीं, ऑस्कर अवॉर्ड (Oscar 2023) में भारत ने झंडे गाड़े हैं। भारत को दो ऑस्कर अवॉर्ड मिले हैं। इस बार फिल्म RRR के गाने नाटु-नाटु के लिए भारत को ऑस्कर अवॉर्ड मिला। इसके बाद सोशल मीडिया पर हर किसी ने मजकर रिएक्शन दिए। वहीं, अब एआर रहमान का इंटरव्यू वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें वह ऑस्कर में भारत से भेजी जाने वाली फिल्मों को लेकर बात करते नजर आ रहे हैं।
ऑस्कर में भारत से भेजी जा रही हैं 'गलत फिल्में'
वायरल हो रहे वीडियो में आप देख सकते हैं कि एआर रहमान और एल सुब्रमण्यम एक साथ बात करते नजर आ रहे हैं। इस दौरान एआर रहमान ने कहा कि ऑस्कर में अक्सर 'गलत फिल्में' भेजी जाती हैं। यही वजह है कि नॉमिनेशन और जीत हासिल करने में भारत असमर्थ हैं। यही नहीं, एआर रहमान का ये भी मानना है कि स्थिति को बेहतर ढंग से समझने के लिए खुद को पश्चिमी के स्थान पर रखने की जरूरत है।
यहां देखें वीडियो...
एआर रहमान ने कही ये बात
एआर रहमान ने आगे ये कहा, 'कभी-कभी मैं देखता हूं कि हमारी फिल्में ऑस्कर तक जाती हैं, लेकिन वे इसे हासिल नहीं कर पाती हैं। सही कहा जाए तो भारत से ऑस्कर के लिए गलत फिल्में भेजी जा रही हैं। ऐसे में हमें खुद को दूसरों की जगह पर रखकर देखना और समझना चाहिए कि हम यहां पर आखिर क्या हो रहा है। मुझे ये देखने के लिए अपनी जगह पर रहना होगा कि वे क्या कर रहे हैं।' रहमान का येे वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
अब तक ये फिल्में भेजी गयी ऑस्कर में
- सबसे पहले 1957 में पहली बार 'मदर इंडिया' फिल्म को ऑस्कर के लिए भेजा गया था।
- 1963 में सत्यजीत रे की फिल्म 'महानगर'
- 1965 में देवानंद की क्लासिक फिल्म 'गाइड'
- 1967 में चेतन आनंद की 'आखरी खत'
- 1968 में ऋषिकेश मुखर्जी की 'मझली दीदी'
- 1974 में एमएस सथ्यू की 'गर्म हवा'
- 1978 में सत्यजीत रे की क्लासिक हिंदी फिल्म 'शतरंज के खिलाड़ी'
- 1999 में दीपा मेहता की '1947- अर्थ'
- 2005 में अमोल पालेकर निर्देशित शाह रुख खान की फिल्म 'पहेली'
- 2008 में आमिर खान की डायरेक्टोरियल डेब्यू फिल्म 'तारे जमीं पर'
- 2009 में भारतीय सिनेमा के पितामह दादा साहेब फाल्के की बायोपिक फिल्म 'हरिश्चंद्राची'
- 2011 में मलयालम फिल्म 'Adaminte Makan Abu'
- 2021 में तमिल फिल्म 'कूझंगल' ऑस्कर के लिए भेजी गई थी।
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