Abhishek Bachchan आलोचना को समझते हैं जरूरी, बच्चन परिवार की विरासत पर कह दी ये बड़ी बात
बॉलीवुड एक्टर अभिषेक बच्चन (Abhishek Bachchan) फिल्मों और पर्सनल लाइफ को लेकर सुर्खियों में रहते हैं। हाल ही में एक्टर अमेजन प्राइम वीडियो की फिल्म बी हैप्पी में नजर आए। अब उन्होंने फिल्मों को मिल रही अलोचनाओं पर खुलकर बात की है। एक्टर ने बच्चन परविार की विरासत के बारे में भी बात की है। आइए विस्तार से जानते हैं।

प्रियंका सिंह, मुंबई। अगर आलोचनाएं नहीं झेल सकते हैं, तो अभिनय मत करिए। यह मानना है अभिषेक बच्चन का। उनके मुताबिक, कलाकार को दर्शकों की अच्छी और बुरी हर तरह की प्रतिक्रियाओं के लिए तैयार रहना चाहिए। हाल ही में अभिषेक अमेजन प्राइम वीडियो की फिल्म ‘बी हैप्पी’ में नजर आए। इस साल फिल्म इंडस्ट्री में 25 साल पूरे करने जा रहे अभिषेक ने फिल्मी सफर और इंडस्ट्री के बारे में खुलकर बात की है।
लोगों की प्रतिक्रिया पर क्या बोले अभिषेक?
‘बी हैप्पी’ के ट्रेलर पर लोगों ने प्रतिक्रियाएं देते हुए लिखा था कि अभिषेक बच्चन इज बैक, एबी का चार्म शिखर पर है। इन प्रतिक्रियाओं से आपको कितना फर्क पड़ता है? दर्शक आपके बारे में जो अच्छी और बुरी बातें लिखते हैं, वह पढ़ना चाहिए। वह हमारे दर्शक हैं। फिर बोलते हैं कि भैया हम सबको पता नहीं चल पा रहा है कि दर्शकों को क्या चाहिए। अरे वो लिखकर बता तो रहे हैं कि क्या चाहिए। इंटरनेट मीडिया की यही अच्छी बात है कि हम अपने दर्शकों के साथ संपर्क में रह सकते हैं। वो जमाना नहीं रहा कि उनकी बातें हम तक नहीं पहुंच सकतीं। पहले तो हम मीडिया के इंटरव्यू के जरिए ही उन तक पहुंच पाते थे। अब सीधा संपर्क है। यही लोग आपको बनाते हैं और बिगाड़ भी सकते हैं। आपको सच्चाई पता होनी चाहिए। इसलिए जो लिखा जा रहा है, वह जानना जरूरी है। खासकर रिव्यू, जितने समीक्षक हैं, उन्हें फिल्म क्यों अच्छी लगी, क्यों नहीं, मैं सुधार कहां ला सकता हूं। यह कठिन काम है, लेकिन बहुत जरूरी है।
बच्चन परिवार की विरासत पर एक्टर ने क्या कहा?
आपके साथ बच्चन परिवार की विरासत है। क्या उस विरासत की तरह ही आप अपने नाम की भी विरासत बनाना चाहते हैं? यह सवाल मेरी बेटी से बनता है। वह चुनेंगी कि क्या मैंने उनके लिए कोई विरासत छोड़ी है या नहीं। 25 साल से फिल्में कर रहा हूं। 70 से ज्यादा फिल्में की हैं। वह भी विरासत है। एक पिता के नाते अगली पीढ़ी को केवल यही कहूंगा कि आपकी विरासत एक अच्छा व्यक्ति बनने की होनी चाहिए। इसके अलावा कुछ मायने नहीं रखता। यही मेरी मां ने मुझे सिखाया है, यही मैं अपनी बेटी को भी सिखाना चाहता हूं।
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आपकी पिछली फिल्म ‘आइ वांट टू टाक’ जीवन में उम्मीद की बात कर रही थी। यह फिल्म खुश रहने की बात कर रही है। 25 वर्षों के करियर में क्या अब कमर्शियल की बजाय समाज को सीख देने वाली फिल्में करने का इरादा है? हर फिल्म में आपको कुछ ऐसा दिखाना या बताना चाहिए, जो दर्शकों के साथ रह जाए। हालांकि संदेश ऐसा नहीं होना चाहिए, जो फिल्म को ओवरपावर कर जाए क्योंकि मनोरंजन होना भी जरूरी है। हम यही कोशिश करते हैं कि हर फिल्म में कुछ ऐसा दिखाएं या सिखाएं, जिससे हमारे दर्शकों को लगे कि यह अच्छी बात है, इसे याद रखना चाहिए।
इस फिल्म में आपकी बेटी कहती है कि स्पॉटलाइट जब आप पर पड़ती है, तो आसपास की सारी आवाजें बंद हो जाती हैं। आप पर पहली स्पॉटलाइट कब पड़ी थी? मुझ पर वह स्पॉटलाइट फिल्मों में आने के बाद ही पड़ी थी। उससे पहले ऐसा कुछ नहीं था कि मैं चर्चा में रहूं।
स्टार किड्स को नहीं मिलनी चाहिए ज्यादा अटेंशन
आज के स्टार किड्स तो हमेशा स्पॉटलाइट में रहते हैं। क्या उन्हें वह अटेंशन मिलनी चाहिए? बच्चों को जरूरत से ज्यादा अटेंशन मिलना गलत है। वह मीडिया के हाथों में हैं कि उन्हें ज्यादा न दिखाएं। उन पर कैमरा नहीं होना चाहिए, वह नादान हैं। उनका जीवन है, जीने देना चाहिए। यह निर्णय उन्हें लेने दीजिए कि उन्हें एक्टर या पब्लिक फिगर बनना है या नहीं। फिर जितना चाहिए, उनकी तस्वीरें लीजिए। मुझे लगता है कि पैपराजी को बच्चों के प्रति जिम्मेदारी दिखानी चाहिए। अगर आप एक पब्लिक फिगर हैं, कैमरे के सामने काम करते हैं या एक सेलेब्रिटी हैं, तो आप पब्लिक प्रॉपर्टी हैं, तब आप उसकी शिकायत नहीं कर सकते हैं।
फिल्म का नाम ‘बी हैप्पी’ है। कौन सी तीन चीजें हैं, जो आपको खुश रखने के लिए जरूरी हैं? जब मैं फिल्मों का हिस्सा होता हूं, तब सबसे ज्यादा खुश रहता हूं। दूसरा, परिवार के साथ समय बिताना और तीसरा है, खेल।
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