कोलकाता, राज्य ब्यूरो। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा नेतृत्व की ओर से बनाई गई 'सुपर-7' टीम के अहम सदस्य केशव प्रसाद मौर्य कई महीनों से सूबे में सक्रिय हैं। 2017 में उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में मौर्य के पार्टी प्रदेशाध्यक्ष रहते ही भाजपा को प्रचंड जीत मिली थी। अब बंगाल में कमल खिलाने के लिए वह दिन-रात एक किए हुए हैं। मौर्य के कंधे पर हावड़ा व हुगली जिले के छह लोकसभा क्षेत्रों में आने वाली 35 विधानसभा सीटों पर पार्टी को जिताने की जिम्मेदारी है। यही वजह है कि वह लगातार जनसंपर्क अभियान चला रहे हैं। मौर्य का कहना है कि उत्तर प्रदेश में 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को जो प्रचंड जीत मिली थी, उससे भी अच्छी स्थिति में पार्टी इस समय बंगाल में है। उन्होंने दावा किया कि बंगाल में बड़ी जीत होगी और यहां भी 'रामराज्य' आने वाला है। बंगाल के चुनावी हालात पर केशव प्रसाद मौर्य ने दैनिक जागरण के संवाददाता राजीव कुमार झा के साथ खुलकर बात की। प्रस्तुत है उनसे बातचीत के प्रमुख अंश:-

उत्तर प्रदेश और बंगाल की राजनीति में क्या अंतर देखते हैं?

-एक बात जो मैं महसूस करता हूं, उत्तर प्रदेश के अंदर जो समाजवादी पार्टी के शासन में सबसे घटिया राजनीति तुष्टीकरण की होती थी, वही बंगाल में होती है। लेकिन, जब देश का सवाल आया और नरेंद्र मोदी जी को प्रधानमंत्री बनाने की लोगों ने ठान ली तो 2014 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में हम 73 सीटें जीते। जातीयता की सभी दीवारें टूट गईं। सभी ने मोदी जी व भाजपा को अपना बना लिया। इसके बाद 2017 के विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत मिली। वह भी तब जब घोर जातिवादी व घोर तुष्टीकरण वाली सरकार वहां थी। यह बात मैं इस बार बंगाल में देख रहा हूं।

आप बंगाल में जीत के प्रति पूरी तरह आश्वस्त हैं?

- जो स्थिति उत्तर प्रदेश में 2014 व 2019 के लोकसभा एवं 2017 के विधानसभा चुनाव में थी, उससे अच्छी स्थिति 2021 के बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा की है। इसीलिए 200 पार की जो बात हो रही है, उसमें किसी को भ्रम नहीं होना चाहिए। हम हवा में बात नहीं कर रहे हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में हम यहां विपरीत से विपरीत परिस्थिति में 18 सीटें जीते थे। 2019 की अपेक्षा हमारे लिए बहुत अनुकूल परिस्थिति है। इसीलिए निश्चित तौर पर 200 का आंकड़ा भाजपा प्राप्त करेगी और बड़े बहुमत से यहां सरकार बनाएगी। ममता दीदी की विदाई तय है।

आप कह रहे हैं बंगाल में भी 'रामराज्य' आने वाला है, इसका मतलब क्या है?

- उत्तर प्रदेश व अन्य राज्यों में जय श्रीराम का नारा लगता है तो समझ में आता है, लेकिन जब बंगाल में भी लोग जय श्रीराम के नारे लगा रहे हैं तो समझा जा सकता है कि परिवर्तन का शंखनाद हो रहा है। इसीलिए मैं कह रहा हूं अब यहां भी रामराज्य आने वाला है। इसका मतलब सुशासन से है। कोई गुंडागर्दी नहीं रहेगी। अमन-चैन का शासन होगा।

ममता बनर्जी भी अब मंदिर-मंदिर जा रही हैं, इसे क्या कहेंगे?

- यह विशुद्ध रूप से भाजपा की विचारधारा की जीत है। देखिए, देश में विशेष तौर पर ¨हदू मतदाताओं को दबाकर रखना और वोट के लालच में तुष्टीकरण करना, यह समाज को बांटने की कोशिश होती थी। देश उठ खड़ा हुआ और जवाब देने लगा। हम मानते हैं, चाहे ममता बनर्जी या राहुल गांधी अब मंदिर जा रहे हैं तो भाजपा की सक्रियता और मतदाताओं की जागरूकता के कारण यह स्थिति पैदा हुई है।

ममता कहतीं हैं सबसे ज्यादा अपराध उत्तर प्रदेश में होते हैं, इस बारे में आप क्या कहेंगे?

- इसपर मैं इतना ही कहूंगा कि 24 करोड़ की आबादी वाले उत्तर प्रदेश में अपराधी थर-थर कांपता है और 10 करोड़ की आबादी वाले बंगाल में अपराधी सीना खोलकर चलता है। आप जाकर देखिए उत्तर प्रदेश में, अब वहां भय मुक्त वातावरण है। ममता जी को उत्तर प्रदेश का एबीसीडी पता नहीं है। उत्तर प्रदेश से बंगाल की तुलना रामराज्य से रावण राज्य की तुलना करने जैसा है।

ममता, भाजपा नेताओं को बाहरी व गुंडे तक बता रही हैं?

- बंगाल में यदि कोई बाहरी है तो वह घुसपैठिए हैं। और अपने देश के लोगों को बाहरी कहना पराजय स्वीकार करना है। हम तो एक भारत, श्रेष्ठ भारत के मंत्र के साथ सेवा कर रहे हैं। दीदी का काम है घुसपैठियों का साथ भतीजे का विकास।

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