चेन्नई, जेएनएन। जयललिता और करुणानिधि के निधन के बाद पहली बार हुए विधानसभा चुनाव में यहां बड़ा उलटफेर होता दिख रहा है। जयललिता की विरासत संभाल रहे ई पलानीसामी की कुर्सी खतरे में है। पलानीसामी की पार्टी एआईएडीएमके अभी तक के रुझानों में बहुमत के आंकड़ों से पीछे है। इस बार AIADMK और भाजपा मिलकर चुनावी मैदान में थे। दूसरी ओर डीएमके और कांग्रेस गठबंधन की सरकार बनाने के करीब हैं।  

 इस बीच डीएमके के नेतृत्व वाले गठबंधन में पार्टी कैडरों ने चेन्नई में पार्टी मुख्यालय में इकट्ठा होना शुरू कर दिया है। पार्टी कैडर काफी खुश हैं क्योंकि डीएमके को बढ़त बनाए रखने और अंत में 10 साल के अंतराल के बाद राज्य में सत्ता पर कब्जा करने के लिए चुनाव जीतने की उम्मीद है। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, डीएमके 117 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि उसके सहयोगी दलों में कांग्रेस 13 सीटों पर, सीपीआई, सीपीआई-एम और वीसीके दो सीटों पर, प्रत्येक सीट पर 136 सीटों के मुकाबले में बढ़त ले रही है। कमल हासन, एम के स्टालिन, पलानीस्वामी अपनी-अपनी सीटों पर बढ़त बनाए हुए हैं।

मक्कल निधि मैयम (Makkal Needhi Maiam, MNM) प्रमुख कमल हासन कोयम्बटूर दक्षिण में बढ़त बनाए हुए हैं। AMMK प्रमुख टीटीवी दिनाकरण (TTV Dhinakaran) AIADMK के कादंबुर राजू (Kadambur Raju) कोविलपट्टी (Kovilpatti) से पीछे चल रहें हैं।  तमिलनाडु के चेपॉक-तिरुवाल्लीकेनी (Chepauk-Thiruvallikeni) सीट से DMK के उदयनिधि स्टालिन (Udhayanidhi Stalin) आगे चल रहे हैं। वहीं कोलाथुर से DMK अध्यक्ष एम के स्टालिन आगे चल रहे हैं।

 

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