चेन्नई, एएनआइ। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में जीत के बाद डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन ने सभी लोगों को धन्यवाद दिया है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि वह जल्द ही शपथ ग्रहण समारोह की तारीख का एलान करेंगे और धीरे-धीरे किए चुनावी वादों को पूरा करेंगे। नेता ने आज या कल शपथ ग्रहण की तारीख एलान का संकेत दिया है। 

नवनिर्वाचित विधायक की बैठक बुलाई जाएगी

स्टालिन ने कहा,'मैं इस गठबंधन को चुनाव में भारी जीत दिलाने के लिए तमिलनाडु  के लोगों के प्रति आभार व्यक्त करना चाहता हूं। हम धीरे-धीरे अपने चुनावी वादों को पूरा करेंगे। मैं कल या परसों शपथ ग्रहण समारोह की तारीख की घोषणा करूंगा'। इसके साथ ही उन्होंने कहा, 'मैं उन सभी राष्ट्रीय नेताओं का धन्यवाद करता हूं,  जिन्होंने मुझे बधाई दी। मैं उनकी सलाह को ध्यान में रखता हुए कार्य करुंगा'। स्टालिन ने कहा कि हम कल और उसके बाद औपचारिक रूप से नवनिर्वाचित विधायक की बैठक बुलाने जा रहे हैं। 

तमिलनाडु में 10 साल बाद द्रमुक की वापसी

एक दशक तक विपक्ष में रहने के बाद तमिलनाडु में द्रमुक की सत्ता में धमाकेदार वापसी हो रही है। राज्य में छह अप्रैल को हुए विधानसभा चुनाव में द्रमुक ने सत्तारूढ़ अन्नाद्रमुक से कुर्सी छीन ली है। हालांकि, सत्ता विरोधी लहर के बावजूद अन्नाद्रमुक का प्रदर्शन बहुत बुरा नहीं रहा है।

द्रमुक अध्यक्ष एमके स्टालिन तमिलनाडु के अगले मुख्यमंत्री होंगे। वे पहली बार राज्य की कमान संभालने जा रहे हैं। द्रमुक के पिछले कार्यकाल में वे उपमुख्यमंत्री और स्थानीय प्रशासन मंत्री थे। रविवार को मतगणना जैसे-जैसे आगे बढ़ती गई, यह स्पष्ट होता गया कि द्रमुक सत्तारूढ़ अन्नाद्रमुक से सत्ता छीन रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तमिलनाडु की जनता को धन्यवाद देते हुए कहा कि उनकी पार्टी राज्य की भलाई के लिए काम करती रहेगी। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को भी धन्यवाद दिया, जिन्होंने कड़ा परिश्रम किया। मतगणना के हर दौर के बाद द्रमुक और इसके सहयोगियों का प्रदर्शन सुधरता गया।

स्टालिन के नेतृत्व वाली पार्टी अपने सहयोगियों के साथ 155 सीटें जीतती दिखाई दे रही है। इनमें द्रमुक की कम से कम 131 सीटों पर जीत पक्की है। राज्य विधानसभा में 234 सीटें हैं और सामान्य बहुमत के लिए कम-से-कम 118 विधायक होना जरूरी है। दूसरी तरफ अन्नाद्रमुक को 70 सीटें मिली हैं और इसके सहयोगियों ने नौ सीटों पर निर्णायक बढ़त बना ली है।

द्रमुक को इस विधानसभा चुनाव में 37.7 प्रतिशत वोट मिले। पार्टी ने दक्षिणी और उत्तरी इलाकों में प्रभावशाली प्रदर्शन किया है। दूसरी तरफ, सत्ताविरोधी लहर के बावजूद अन्नाद्रमुक एक ताकत बना हुआ है। इसे 33.4 प्रतिशत वोट मिले हैं और यह कोयंबटूर के कोंगू इलाके में अपना जनाधार बचाने में कामयाब रहा है। द्रमुक के लिए उसका चुनावी गीत स्टालिन थान वाराउ सही साबित हो रहा है, जिसका अर्थ है कि स्टालिन मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं। रुझानों और चुनाव परिणामों से द्रमुक कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ गई। कोरोना दिशानिर्देशों के बावजूद वे पटाखे छोड़ने लगे एवं पार्टी मुख्यालय अन्ना अरिवलयम में उन्होंने मिठाइयां बांटी।

Edited By: Pooja Singh