चेन्नई, जेएनएन।Tamil Nadu Assembly Election 2021 Date:भारतीय निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) ने आज यानी शुक्रवार को तमिलनाडु विधानसभा चुनाव की तारीखों का एलान कर दिया। तमिलनाडु में 6 अप्रैल को मतदान होगा। जबकि 2 मई को वोटों की गिनती की जाएगी। बता दें कि यहां पर 234 विधानसभा सीटों के लिए चुनाव होने हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने आज मीडिया से मुखातिब होते हुए इसकी जानकारी दी। 

इस साल देश में कुल पांच राज्यों के लिए विधानसभा चुनाव होने हैं। खास बात यह है कि इन पांच राज्यों में कोई भी हिंदी भाषी राज्य नहीं है। ऐसे में भले ही सबकी नजर पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव पर हो, लेकिन दक्षिण में तमिलनाडु में होने वाले विधानसभा चुनाव भी काफी रोचक होने वाले हैं। हालांकि, इस राज्य में कोई ऐसा बड़ा नेता नहीं है, जिसके नाम पर जनता दीवानी हो जाए।

इसके बावूजद लोगों के मन में तमिलनाडु को लेकर काफी सवाल बने हुए हैं, लेकिन हिंदी भाषा वाले राज्यों के लिए तमिलनाडु को समझ पाना थोड़ा मुश्किल जरूर हो जाता है, क्योंकि यहां पर भाषा की मुख्य दिक्कत होती है। ऐसे में अब तमिनलाडु विधानसभा चुनाव के लिए कुछ ही समय शेष है। तो आइये चुनाव से पहले जानते हैं कि यहां पर अभी मौजूदा स्थिति में राजनीति समीकरण क्या हैं? और पिछली बार किस पार्टी को बहुमत मिला था?  

दक्षिण में तमिलनाडु एक बड़ा राज्य है। तमिलनाडु में कुल 234 विधानसभा सीटें हैं। मौजूदा वक्त में 124 सीटें  AIADMK के पास है, जो कि इस वक्त सत्ता पर काबिज है। जबकि विपक्ष में DMK के पास 97, कांग्रेस के पास 7 सीटें हैं। वहीं मुस्लिम लीग के पास 1 सीट है। एक सीट निर्दलीय के पास है, जबकि चार सीटें मौजूदा वक्त में खाली हैं। वर्तमान में यहां पलानीस्वामी की अगुआई ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कणगम (AIADMK) की सरकार है। भाजपा का उसके साथ गठबंधन है। पिछले चुनाव में एआइएडीएमके को 136 और मुख्य विपक्षी पार्टी डीएमके को 89 सीटों पर जीत मिली थी। 31 मई 2021 को विधानसभा का कार्यकाल खत्म हो रहा। 

IADMK और DMK में कड़ा मुकाबला

राज्य में मुख्य रुप से दो राजनीतिक दल हैं, जो लंबे समय से सत्ता और विपक्ष की लड़ाई लड़ते आए हैं। AIADMK और DMK, इन्हीं दो राजनीतिक दलों के इर्द-गिर्द तमिलनाडु की राजनीति घूमती है। यह वजह है कि  राष्ट्रीय दल भी इन्हीं दलों के साथ गठबंधन करके राज्य की सरकार में अपनी हिस्सेदारी बनाना चाहते हैं। 

उधर, द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (DMK) मुख्य विपक्षी दल इस बार तमिलनाडु की सत्ता में वापसी की आस में है। एम. करुणानिधि के निधन के बाद उनके बेटे एम.के. स्टालिन के हाथ में पार्टी की कमान है। ऐसे में कयास लगाए जा रहे है कि वह मुख्यमंत्री का चेहरा भी हो सकते हैं।

जब कांग्रेस को लोकसभा चुनाव में करारी हार मिली थी तो उसके बाद तमिलनाडु ऐसा राज्य है जो उनके लिए उम्मीद की किरण जगा सकता है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी कई बार तमिनलाडु का दौरा भी कर चुके हैं। वह खुद पड़ोसी राज्य यानी केरल की वायनाड सीट से सासंद हैं। ऐसे में भाजपा के विजयी रथ को रोकने के लिए कांग्रेस को दक्षिण का द्वार आसान लग रहा है।

सिल्वर स्क्रीन से राजनीतिक पारी की शुरुआत करने वाले सुपरस्टार कमल हासन भी इस बार विधानसभा चुनाव में किस्मत आजमाएंगे। बता दें कि रजनीकांत ने पार्टी लॉन्च करने से इनकार किया तो कमल हासन ही अब मक्कल निधि मय्यम (MNM) की तरफ से अकेले मैदान में आ सकते हैं। लंबे वक्त से वो अपनी पार्टी को खड़ा करने में पूरे राज्य का दौरा भी कर रहे हैं।

Edited By: Pooja Singh