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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 17, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Rajasthan: पहली कैबिनेट में किसानों की कर्ज माफी होगा सबसे बड़ा एजेंडा

By Arvind DubeyEdited By:
Published: Mon, 17 Dec 2018 11:41 AM (IST)

पायलट ने कहा, किसानों की कर्ज माफी उनकी सरकारी की पहली प्राथमिकता रहेगी। मालूम हो, चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस ने बीती 29 नवंबर को अपना घोषणा-पत्र जारी किया था।

Rajasthan: पहली कैबिनेट में किसानों की कर्ज माफी होगा सबसे बड़ा एजेंडा
Rajasthan: पहली कैबिनेट में किसानों की कर्ज माफी होगा सबसे बड़ा एजेंडा

जयपुर। अशोक गहलोत ने राजस्थान के मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है। सोमवार को जयपुर के ऐतिहासिक अल्बर्ट हॉल में हुए भव्य कार्यक्रम में सचिन पायलट ने भी शपथ ली। सचिन डिप्टी सीएम बनेंगे। अभी यह तय नहीं हुआ है कि कौन-कौन मंत्री बनेगा, लेकिन गहलोत मंत्रिमंडल की पहली बैठक में किसानों की कर्ज माफी सबसे बड़ा एजेंडा रहेगा। 

इसका संकेत देते हुए शपथ ग्रहण से ठीक पहले पायलट ने कहा, किसानों की कर्ज माफी उनकी सरकारी की पहली प्राथमिकता रहेगी। मालूम हो, चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस ने बीती 29 नवंबर को अपना घोषणा-पत्र जारी किया था।  

कांग्रेस घोषणा-पत्र के प्रमुख वादे -

1. किसानों को कम दर पर कर्ज

2. किसानों के लिए फसल बीमा

3. खेती के लिए आसान दर पर बिजली की उपलब्धता

4. मसाला बोर्ड का गठन

5. लहसुन, ग्वार, प्याज और कपास के निर्यात को बढ़ावा दिया जाएगा

5. पशुओं का मुफ्त बीमा होगा

6. ऊंटों के संरक्षण एवं संवद्र्धन के लिए विशेष नीति बनेगी

7. ग्रामीण अभियांत्रिकी सेवा का गठन

8. नदियों और झीलों के लिए विशेष योजना

9. वर्तमान सरकार द्वारा बंद की गई 20 हजार स्कूलों को फिर शुरू किया जाएगा

10. पंचायत समिति स्तर पर बालिका छात्रावास की स्थापना

11. संस्कृत तथा संस्कृत भाषा को प्रोत्साहन दिया जाएगा

12. वैदिक संस्कार एवं शिक्षा बोर्ड का गठन होगा

13. पंचायत मुख्यालयों पर उप स्वास्थ्य केन्द्रों की स्थापना

14. जिला स्तर पर ब्लैड बैंक की स्थापना

15. न्यूनतम मजदूरी की दरों को महंगाई सूचकांक के आधार पर निर्धारित किया जाएगा

16. आदिवासी और पहाड़ी क्षेत्रों में नए उद्योगों की स्थापना करने वालों को कर मुक्त रखा जाएगा

17. राज्य विधि आयोग का गठन होगा

18. मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारों एवं चर्च की सुरक्षा के लिए विशेष कदम उठाए जाएंगे।