जेएनएन, पठानकोट। गुरदासपुर लोकसभा क्षेत्र से सनी देयोल की जीत और सुनील जाखड़ की हार में पठानकोट अहम वजह बना। एक उम्मीदवार ने इस हल्के को गंभीरता से लिया तो दूसरे ने हल्के में। सनी देयोल ने पार्टी के परंपरागत गढ़ को मजबूत किया, जबकि सुनील जाखड़ इस कमजोर हलके को गंभीरता से नहीं ले पाए। इसके साथ ही सनी की सेलेब्रिटी इमेज को तोड़ने में भी जाखड़ नाकाम रहे।

दूसरी ओर अपनी फैन फॉलोइंग के बावजूद सनी देयोल ने चुनाव प्रचार में खुद को एक आम आदमी की तरह पेश किया। विपक्ष की बुराई से वह कोसों दूर रहे और लोगों से उनके साथ जुड़ने व साथ मिलकर काम करने की अपील पर ही जोर दिया। सनी के इस व्यक्तित्व से भी जनता का उनके साथ और भी जुड़ाव बना।

मोदी मैजिक के साथ ही इस बार भाजपा संगठित दिखी और नेताओं व वर्करों ने सनी के साथ ही अपने स्तर पर फील्ड में खूब काम किया। इसके मुकाबले जाखड़ की बात की जाए तो वह प्रचार और मेहनत में भाजपा से दो कदम आगे रहे।

सनी की जीत की वजह

  1. सेलेब्रिटी व देशभक्ति इमेज।
  2. मोदी मैजिक।
  3. खुद को आम आदमी से जोड़ने की बात कहना।
  4. भाजपा का संगठित और नियोजित प्रचार।
  5. स्वर्गीय विनोद खन्ना के कार्य।
  6. पूर्व सैनिकों को अपने साथ जोड़ना।
  7. पठानकोट जिले के गढ़ को मजबूत करना।

जाखड़ के हारने के कारण

  1. जिले में कांग्रेस की स्थानीय स्तर पर फूट।
  2. सनी की इमेज की काट न निकाल पाना।
  3. चुनाव में जाखड़ का अकेले मुख्य चेहरा होना।
  4. संगठन, सरकार का साथ बाजवा गुट की नाराजगी।
  5. मुद्दों का अभाव।
  6. पीएम नरेंद्र मोदी व राष्ट्रवाद पर प्रहार।
  7. जनता में पकड़ न बना पाना।

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Posted By: Kamlesh Bhatt