अमृतसर [विपिन कुमार राणा] लोकसभा चुनावों के मद्देनजर भारतीय जनता पार्टी ने पंजाब की अमृतसर सीट समेत देश की सात सीटों पर अपनी उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है। भाजपा ने अमृतसर में कमल खिलाने के लिए केंद्रीय शहरी विकास मंत्री हरदीप पुरी पर भरोसा व्यक्त किया है। अमृतसर सीट पर सिख चेहरे की मांग और स्थानीय गुटबंदी को देखते हुए भाजपा हाईकमान ने यहां से पुरी को टिकट देना ही उचित समझा है। पुरी 1974 बैच के आइएफएस अधिकारी रह चुके हैं। वह उत्तर प्रदेश से भाजपा के राज्यसभा सदस्य होने के साथ-साथ केंद्रीय राज्य शहरी व विकास मंत्री है। 

पिछले लोकसभा चुनावों में जेटली ने झेली थी बड़ी हार

2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के दिग्गज व केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली को अमृतसर में बड़ी हार झेलनी पड़ी। भाजपा ने जेतली को टिकट देते हुए नवजोत सिंह सिद्धू की टिकट काट दी गई। जेतली के मुकाबले कैप्टन अमरिंदर सिंह मैदान में उतरे और उन्होंने जेतली को 1,02,770 मतों से पराजित किया। पराजय का यह सिलसिला 2017 उपचुनाव में भी बरकरार रहा।

कांग्रेस के गुरजीत सिंह औजला ने भाजपा के राजिंदर मोहन सिंह छीना को 1,99,189 बड़े अंतर से हराया। यही वजह रही कि इस बार पार्टी फूंक-फूंककर कदम रख रही थी और ऐसा कोई प्रयोग नहीं करना चाहती थी कि पार्टी के लिए ओर विकट हालात अमृतसर लोकसभा सीट पर बने। 

हारती रही भाजपा, सिद्धू ने बनाई हैट्रिक 

अमृतसर लोकसभा सीट पर 1967 में यज्ञदत्त शर्मा ने भारतीय जनसंघ से चुनाव लड़ते हुए इस सीट पर जीत दर्ज करवाते हुए भगवा फहराया। 1977 में जनता पार्टी से डा. बलदेव प्रकाश ने सीट अब बनी भाजपा की झोली में डाली। उसके बाद लगातार पार्टी 5 बार सीट हारती रही। 1998 में दया सिंह सोढ़ी विजयी होने में सफल हुए, पर 1999 में फिर यह सीट कांग्रेस की झोली में चली गई। 2004 में भाजपा ने सीट पर कांग्रेस के दिग्गज नेता रघुनंदन लाल भाटिया के खिलाफ नवजोत ङ्क्षसह सिद्धू को मैदान में उतारा और वह विजयी रहे। उसके बाद 2007 में और 2009 के लोकसभा चुनाव में जीत दर्ज करते हुए सिद्धू ने हैट्रिक बनाई और इससे भाजपा की भी हैट्रिक बनी। 

Posted By: Vipin Kumar

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