यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 20, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
पंजाब विधानसभा चुनाव: बागियों से सभी दल परेशान, तेज हुई मान-मनौव्वल
पंजाब विधानसभा चुनाव में सभी दलों को बागियों का सामना करना पड़ रहा है। सभी दल नामांकन पत्र वापस लेने ...और पढ़ें

जेएनएन, चंडीगढ़। पंजाब विधानसभा चुनाव में सभी दलों को बागी उम्मीदवरों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में सियासी दलों ने टिकट नहीं मिलने से नाराज नेताओं को मनाने की कवायद तेज कर दी है। सभी दल चुनावी महासमर में नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद नाम वापसी की अंतिम तिथि 21 जनवरी से पहले इनको मना लेने के प्रयास में हैं।
इसके लिए पार्टी के दिग्गज नेता जहां सारे सियासी दांव-पेंच आजमा रहे हैं, वहीं उम्मीदवार भी अपने-अपने स्तर पर बागियों को खुश करने की जुगत लगा रहे हैं। कांग्रेस में जहां बागियों की मनाने की कमान कैप्टन अमरिंदर सिंह, पंजाब प्रभारी आशा कुमारी व हरीश चौधरी ने संभाल रखा है। वहीं भाजपा के दिग्गज नेता भी बागियों को मनाने में जुट गए हैं। पठानकोट से आजाद चुनाव लड़ रहे भाजपा नेता मास्टर मोहन लाल को मनाने शुक्रवार को खुद वित्तमंत्री अरुण जेटली पहुंच रहे हैं।
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बागियों पर डोरे डालने में जुटे कांग्रेस नेता
टिकट आवंटन के बाद कांग्रेस के लिए बागी सरदर्द बन गए हैं। नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद कांग्रेस अब बागियों के कद और प्रभाव का आंकलन कर रही है। इसी क्रम में कैप्टन अमरिंदर सिंह से लेकर आशा कुमारी, हरीश चौधरी आदि ने पार्टी के लगभग 35-36 बागियों के संपर्क साधना शुरू कर दिया है। कांग्रेस इस बात का भी विशेष ध्यान दे रही है कि उनके बागी केवल कांग्रेस को ही नुकसान पहुंचा रहे है या दूसरी पार्टी को भी।
सूत्र बताते हैं कि कांग्रेस ने त्रिस्तरीय योजना तैयार की है। सह प्रभारी हरीश चौधरी सभी से संपर्क साध रहे हैं। उसके बाद प्रभारी आशा कुमारी संपर्क करती हैं। प्रत्याशियों के कद के हिसाब से उन्हें महत्व दिया जा रहा है, जबकि कई बागियों से कैप्टन अमरिंदर सिंह सीधा संपर्क साध रहे हैं।
जानकारी के अनुसार करीब 12 ऐसी सीटें हैं जहां कांग्रेस गंभीरता से नजर रखे हुए है। इसमें भोआ, डेरा बाबा नानक, सुनाम, बंगा, फाजिल्का, अमृतसर नार्थ आदि शामिल हैं। वहीं, कांग्रेस ने पांच ऐसी सीटों को चिन्हित किया है, जहां पर वह अपने बागी को बैठाना ही नहीं चाहती है क्योंकि कांग्रेस के ये बागी पार्टी के हित में जाएंगे।
कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता बताते हैं कि हरेक स्तर पर प्रयास किया जा रहा है लेकिन असली पता नामांकन जांच की प्रकिया पूरी होने के बाद 21 जनवरी को ही चलेगा। तब ही पता चलेगा कि कितने बागी चुनाव मैदान से हटे।
वहीं, प्रदेश प्रभारी आशा कुमारी कहती हैं, 'बागी एक फैक्टर हैं। अभी हमारा फोकस चुनाव में आगे जाने को लेकर है।'
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यह पूछे जाने पर कि पिछले चुनाव में बागियों ने ही कांग्रेस की राह रोक ली थी, तो उन्होंने कहा कि कैप्टन कैप्टन अमरिंदर सिंह स्पष्ट कर चुके हैं कि कांग्रेस को बागियों से नहीं बल्कि गलत टिकट बंटवारे से नुकसान हुआ था। इस बार पार्टी प्रदेश अध्यक्ष टिकट बंटवारे से संतुष्ट हैं। साथ ही वह कहती हैं 'बागी केवल कांग्रेस के ही नहीं बल्कि अकाली दल के भी हैं। हर चुनाव में यह होता है। पार्टी अब आगे के चरण की तरफ ध्यान दे रही है।
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एआइसीसी की टीम ने चंडीगढ़ में डाला डेरा
वहीं, सारी स्थिति पर नजर रखने के लिए आल इंडिया कांग्रेस कमेटी की पूरी टीम ने चंडीगढ़ में डेरा डाल दिया है। मीडिया से लेकर पार्टी के प्रचार अभियान, स्टार प्रचारकों के आगमन आदि को एआईसीसी की टीम ने टेकओवर कर लिया है।
मान गए बागी ढिल्लों
उधर, रूपनगर में कांग्रेस उम्मीदवार बरिंदर सिंह ढिल्लों पूर्व राज्यमंत्री डॉ.रमेश दत्त शर्मा को मनाने में सफल रहे हैं। ढिल्लों पंजाब यूथ कांग्रेस के प्रधान भूपेश शर्मा, सिटी प्रधान सतिंदर नागी बिट्टू, राजेश कुमार को अपने साथ जोड़ने में अब तक कामयाब रहे हैं।
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तरुण खुराना को मनाने पहुंचे खन्ना व सांपला
राजपुरा (पटियाला) : राजपुरा से हरजीत ग्रेवाल को भारतीय जनता पार्टी उम्मीदवार बनाने के विरोध में आजाद चुनाव मैदान में उतरे पूर्व सीपीएस राज खुराना के बेटे तरुण खुराना को मनाने बुधवार को पहले पूर्व सांसद अविनाश राय खन्ना पहुंचे थे तो वीरवार को पंजाब भाजपा प्रधान विजय सांपला भी पहुंचे।

तरुण खुराना को मनाने उनके घर पहुंचे पंजाब भाजपा प्रधान विजय सांपला।
राजपुरा से भाजपा के करीब छह नेता टिकट के दावेदार थे। पूर्व सीपीएस व बहावलपुर समाज के कद्दावर नेता खुराना के निधन के बाद तरुण खुराना को टिकट का सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा था लेकिन टिकट पंजाब खादी बोर्ड के चेयरमैन हरजीत सिंह ग्रेवाल को दिया गया। तरुण ने आजाद प्रत्याशी के तौर पर नामांकन दाखिल किया था।
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विजय सांपला ने कहा कि टिकट तो किसी एक को ही मिलना था। नाराजगी जैसी कोई बात नहीं है, सभी से बात हो गई है अब सभी वर्कर मिलकर पार्टी प्रत्याशी के साथ काम करेंगे। तरुण खुराना का कहना है कि उन्होंने समर्थकों के कहने पर नामांकन भरा था। नामांकन वापसी का फैसला भी शुक्रवार को समर्थकों से बैठक के बाद ही होगा।
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मोहनलाल को मनाने घर जाएंगे जेटली
पठानकोट : केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली व भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय संगठन मंत्री राम लाल आज बागी होकर आजाद चुनाव लड़ रहे वरिष्ठ भाजपा नेता मास्टर मोहन लाल को मनाने उनके घर पठानकोट आएंगे। जेटली के दौरे की जानकारी देते हुए संसदीय हलका गुरदासपुर के प्रभारी स्वर्ण सलारिया ने मास्टर मोहन लाल के पार्टी से चल रहे मन-मुटाव पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि मास्टरजी पार्टी के सीनियर लीडर हैं। हम पूरी तरह आश्वस्त हैं कि मास्टर जी चुनाव नहीं लड़ेंगे।
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रिणवा को मनाने की हो सकती है कोशिश
फाजिल्का : अकाली दल सांसद शेर सिंह घुबाया के बेटे देविंदर रिणवा को फाजिल्का से कांग्रेस की टिकट देने के बाद बगावत पर उतरे पूर्व विधायक डॉ. महेंद्र रिणवा को मनाने के लिए कांग्रेस की ओर से शुक्रवार और शनिवार को प्रयास किए जा सकते हैं।