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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 11, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

MP Election 2023: कमलनाथ बोले- डबल रफ्तार से चल रही CM शिवराज की 'घोषणा मशीन', चुनाव सिर पर है और...

By Mohammad SameerEdited By: Mohammad Sameer
Published: Mon, 11 Sep 2023 07:00 AM (IST)

कमलनाथ बोले- अगले तीन महीने मुख्यमंत्री और कौन सी घोषणाएं करेंगे? उनकी घोषणा मशीन डबल रफ्तार से चल रही है। ...और पढ़ें

कुशवाहा महाकुंभ में शामिल हुए पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ (file photo)
कुशवाहा महाकुंभ में शामिल हुए पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ (file photo)

HighLights

  1. कुशवाहा महाकुंभ में शामिल हुए पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ
  2. 18 वर्षों से मुख्यमंत्री को बहनों की याद नहीं आई: कमल नाथ

भोपाल, जेएनएनः  राजधानी के टीटी नगर दशहरा मैदान पर रविवार को कुशवाहा, सैनी, माली सहित अन्य पिछड़े समाज का महाकुंभ हुआ। चुनाव से पहले समाज ने महाकुंभ में अपनी ताकत दिखाई। इसमें पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ पहुंचें। उन्होंने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर निशाना साधा।

उन्होंने महाकुंभ को संबोधित करते हुए कहा कि अगले तीन महीने मुख्यमंत्री और कौन सी घोषणाएं करेंगे? उनकी घोषणा मशीन डबल रफ्तार से चल रही है। उनको 18 वर्ष से बहनें याद नहीं आईं। कर्मचारी याद नहीं आए, क्योंकि अब चुनाव सिर पर है, तो सब याद आ गए।

कांग्रेस ने 27 लाख किसानों का कर्जा माफ किया। गौ शालाएं खोलीं, बिजली बिल में छूट दी। 15 महीने की सरकार के दौरान नीति और नीयत का परिचय दिया। कांग्रेस का साथ दो, मैं तो कहना चाहता हूं कि सच्चाई का साथ दो बस।

महाकुंभ में पूर्व मंत्री, पूर्व व वर्तमान विधायक सहित सरपंच, जनपद सदस्य, जिला पंचायत सदस्य, पार्षद, जनपद अध्यक्ष, नगर परिषद के अध्यक्षों सहित प्रदेशभर से आए प्रतिनिधि मौजूद रहे। महाकुंभ में कुशवाह समाज के प्रांतीय अध्यक्ष योगेश मान सिंह, पूर्व मंत्री नारायण सिंह कुशवाह को 10 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन भी दिया।

यह हैं प्रमुख मांगें

  • सम्राट अशोक, राष्ट्रपिता, महात्मा ज्योतिराव फुले, भारत की प्रथम महिला शिक्षिका राष्ट्र माता, सावित्री बाई फुले इन सभी महापुरुषों एवं कुशवाहा समाज के आराध्य देव भगवान लवकुश की जन्म जयंती पर राष्ट्रीय अवकाश घोषित हो।
  • कुशवाहा सहित पिछड़े समाज पर हो रहे अन्याय, अत्याचारों पर रोक लगाई जाए एवं आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाए।
  • विधानसभा चुनाव में पिछड़े वर्ग के लोगों को टिकट दिए जाएं, जातिगत गणना हो। -मप्र में एसटी, एससी एवं ओबीसी के ढाई लाख विकलांग रिक्तियों पर शीघ्र भर्ती हो।
  • सभी विभागों में पिछड़ा वर्ग के लोगों को को 27 प्रतिशत आरक्षण दिया जाए।
  • मंडल कमीशन की सभी सिफारिशें लागू की जाए।