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लोकसभा चुनाव के आखिरी चरण का रण कल: पीएम मोदी, ममता बनर्जी के भतीजे, लालू की बेटी सहित कई दिग्गज चुनावी मैदान में

Lok Sabha Election 2024 लोकसभा चुनाव के सातवें चरण का मतदान कल यानी 1 जून को है। इससे पहले आखिरी चरण का चुनाव प्रचार 48 घंटे पहले यानी गुरुवार शाम 5 बजे थम गया। इस चरण में 7 राज्यों की 57 सीटों पर वोटिंग होगी। इसके लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी की गई हैं। इस चरण में पीएम मोदी की वाराणसी सीट भी शामिल है।

By Jagran News Edited By: Deepti Mishra Published: Thu, 30 May 2024 06:24 PM (IST)Updated: Fri, 31 May 2024 08:54 AM (IST)
Lok Sabha Chunav 2024: थम गया चुनाव प्रसार। फाइल फोटो

 चुनाव डेस्‍क, नई दिल्‍ली। लोकसभा चुनाव 2024 के आखिरी चरण का चुनावी अभियान भी आज यानी गुरुवार को शाम पांच बजे थम गया। अब 1 जून को सातवें चरण का मतदान होगा। इस चरण में आठ राज्‍यों की 57 सीटों के लिए वोट डाले जाएंगे। इसी के साथ सातों चरण के चुनाव संपन्‍न हो जाएंगे। आखिरी चरण में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की वाराणसी सीट भी शामिल है।

लोकसभा चुनाव की घोषणा के साथ ही 16 मार्च से देशभर में चुनाव शुरू हुए। आखिरी चरण का मतदान कल यानी 1 जून को है। इस आखिरी चरण का चुनावी प्रचार कल यानी गुरुवार 30 मई को शाम पांच बजे थम गया। अब कल 1 जून को सातवें चरण की वोटिंग के साथ ही सभी चरणों की मतदान प्रक्रिया संपन्न हो जाएगी। इस चरण में आठ राज्‍यों की 57 सीटों के लिए वोट डाले जाएंगे। अंतिम चरण के इस चुनाव में जिन प्रमुख सीटों पर मतदान है, उसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की वाराणसी सीट भी शामिल है।

इसके साथ ही बंगाल की डायमंड हार्बर सीट, जहां से ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी मैदान में हैं और बिहार की पाटलिपुत्र सीट भी शामिल है, जहां से लालू प्रसाद यादव की बेटी मीसा भारती चुनाव मैदान में हैं।

 इस बीच गुरुवार को अंतिम चरण का प्रचार थमने से पहले बाकी बचे घंटों में प्रचार को लेकर सभी राजनीतिक दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी। भाजपा और कांग्रेस ने अपने सभी स्टार प्रचारकों को मैदान में उतार रखा है। अंतिम चरण का यह चुनाव वैसे भी भाजपा की अगुवाई वाले राजग गठबंधन और कांग्रेस के नेतृत्व वाले आईएनडीआईए, दोनों के लिए ही काफी अहम है।

2019 में 57 में से 32 सीटें एनडीए ने जीती थीं

साल 2019 में आठ राज्यों की इन 57 सीटों में एनडीए ने 32 सीटों पर जीत दर्ज की थी, जबकि तत्कालीन यूपीए ने नौ सीटों पर जीत दर्ज की थी। बाकी सीटों पर दूसरे दलों ने विजय हासिल की थी। फिलहाल, दोनों ही गठबंधन इस बार अपनी जीत के आंकड़े को बढ़ाने के लिए पूरी ताकत लगाए हुए है। हालांकि, इस बार सबसे रोचक चुनावी मुकाबला पंजाब में देखने को मिल रहा है, जहां चार प्रमुख दल यानी आप, भाजपा, कांग्रेस व अकाली दल मैदान में हैं। सभी इस बार अलग-अलग चुनाव लड़ रहे हैं।

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उधर, छह चरणों का चुनाव शांतिपूर्ण संपन्न कराने के बाद निर्वाचन आयोग का पूरा जोर सातवें चरण के चुनाव को भी शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने को लेकर है। इसे लेकर वह पूरी ताकत से जुटा हुआ है।

आयोग इस दौरान हर दिन की चुनावी गतिविधियों पर पूरी नजर रख रहा है। साथ ही चुनाव के दौरान फैलाए जाने वाले दुष्प्रचारों को लेकर न सिर्फ सतर्क है बल्कि ऐसे झूठ की तुरंत हकीकत भी सामने ला रहा है। आयोग ने पर्यवेक्षकों को भी अतिरिक्त सतर्क रहने का सुझाव दिया है।

बता दें कि पहले चरण के लिए मतदान 19 अप्रैल, दूसरे चरण के लिए 26 अप्रैल, तीसरे चरण के सात मई को, चौथे चरण के लिए 13 मई को, पांचवें चरण के लिए 20 मई को और छठे चरण के लिए मतदान 25 मई को हुआ था।

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