देवघर, [राजीव]। Jharkhand Assembly Election 2019 - शिव की नगरी देवघर में विधानसभा चुनाव की गर्माहट तेज हो गई है। यहां चौथे चरण में 16 दिसंबर को चुनाव होगा। 1960 के दशक में अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित इस विधानसभा का दायरा देवघर जिले के तीन प्रखंड देवघर सदर, देवीपुर और मोहनपुर तक फैला है। खास बात यह कि इस विधानसभा का प्रतिनिधित्व आज तक देवघर सदर प्रखंड के प्रत्याशियों ने किया है। प्रत्याशियों की जय-विजय मोहनपुर प्रखंड के मतदाता तय करते हैं।

वे जिस प्रत्याशी के पक्ष में करवट लेते हैं उसका भाग्योदय होता है। चुनाव के लिए देवघर की जनता कमर कस चुकी है। किस प्रत्याशी की जनता के लिए आस्था है, इसका आकलन कर फैसला करेगी। देवघर विधानसभा सीट पर फारवर्ड ब्लाॅक, जनता पार्टी, भाजपा, जनसंघ, कांग्रेस, जदयू व राजद जैसी पार्टियों ने जीत दर्ज की है। 2014 में भाजपा पहली बार इस सीट को जीत सकी। इस बार भाजपा के समक्ष सीट को बचाने की चुनौती है। यहां से भाजपा नेे सिटिंग विधायक नारायण दास पर दांव लगाया है।

जबकि महागठबंधन की ओर से राजद के सुरेश कुमार पासवान उतरे हैं। इन दोनों प्रत्याशियों के अलावा मैदान में ताल ठोंकने वाले अन्य प्रत्याशी कमोबेश वही हैं जो 2014 के चुनावी दंगल में भी ताल ठोक रहे थे। अंतर सिर्फ इतना कि टिकट के वास्ते नाता दूसरे दल से जोड़ लिया। 2014 के चुनाव में तीसरे स्थान पर रही झामुमो की प्रत्याशी निर्मला भारती इस बार झाविमो की कंघी पकड़े हैं।

कांग्रेस से टिकट न मिलने से जिला परिषद उपाध्यक्ष संतोष पासवान आजसू से उतरे हैं। पिछले चुनाव में वे झाविमो के प्रत्याशी थे। निर्दलीय रहे बजरंगी महथा इस बार लोजपा के प्रत्याशी हैं। चुनाव में राजग में अलगाव और महागठबंधन में टूट की वजह से चुनावी समीकरण नए सिरे से बनाने की जोर-आजमाइश हो रही है।

ये देवघर के दंगल के सूरमा

नारायण दास (भाजपा), सुरेश कुमार पासवान (राजद), निर्मला भारती, (झाविमो), संतोष पासवान(आजसू), बजरंगी महथा (लोजपा), चंद्रशेखर रजक, (बहुजन समाज पार्टी), बसंत कुमार (बहुजन मुक्ति पार्टी), गोविंद दास (जदयू), नकुल दास (फारवर्ड ब्लॉक), महेश कुमार सुमन (निर्दलीय)।

चुनावी मुद्दे

पर्यटन विकास

देवघर में पर्यटन विकास का आशातीत विकास हो जाता तो अनेक को रोजगार मिलता। भाजपा ही नहीं विपक्षी दलों के प्रत्याशियों की भी इस मुद्दे पर निगाह पैनी है। भाजपा  पर्यटन विकास के मामले में अपनी उपलब्धियां व भविष्य की योजनाओं को रखकर मतदाताओं को गोलबंद करने की जुगत में है। राजद समेत दूसरे प्रत्याशी इस क्षेत्र में पांच साल  के काम का हिसाब मांग रहे हैं।

पेयजल संकट

देवघर में पेयजल संकट से सभी हलकान हैं। पेयजल संकट को खत्म करने के लिए पुनासी जलाशय से देवघर तक जलापूर्ति योजना बहाल किए जाने के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को कैबिनेट से स्वीकृति मिल गई है। इधर विपक्षी प्रोजेक्ट में विलंब और जल संकट के वर्तमान स्थितियों को उभारने में जुटे हैं।

औद्योगिक विकास और बेरोजगारी

देवघर में औद्योगिक विकास के नाम पर बहुत कुछ नहीं हो सका है। यहां बेरोजगारी व पलायन की स्थिति है। भाजपा देवघर में बीते दो तीन साल में उद्योग के लिए भूमि अधिग्रहण व इस दिशा में हुए प्रयासों को रख रही है। विपक्षी दल इसे खानापूर्ति बताने की तैयारी में हैं।

'देवघर विधानसभा क्षेत्र में हर क्षेत्र में विकास किया। स्वास्थ्य के क्षेत्र में एम्स तो परिवहन में अंतरराष्ट्रीय स्तर का एयरपोर्ट निर्माण बड़ी उपलब्धि है। पुनासी जलाशय से सिंचाई के साथ जल संकट का स्थायी समाधान होने जा रहा है। सड़क, पुल-पुलिया का जाल बिछाया है। संस्कृत विश्वविद्यालय को स्वीकृति मिली है।' -नारायण दास, भाजपा प्रत्याशी।

'पांच साल में विकास के नाम पर खोखले दावे हुए हैं। जनता को भ्रम में रख छल गया है। बेरोजगारी है। किसानों की हालत दयनीय है। इस वर्ष भी देवघर जल संकट और सिंचाई की कमी से जूझता रहा। भाजपा झूठी दलीलों के आसरे जनता को बरगलाती रही। चुनाव में जनता हिसाब लेगी।'  -सुरेश पासवान, राजद प्रत्याशी।

'झामुमो की कथनी व करनी में फर्क है। इसलिए झाविमो में घर वापसी की है। महिला को हक-अधिकार दिलाने व क्षेत्र के समग्र विकास के लिए काम करेंगे। महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक, राजनीतिक सम्मान दिलाना प्राथमिकता है। भाजपा के झूठ को जनता समझ चुकी हे। उसके झांसे में नहीं आएगी।' -निर्मला भारती, झाविमो प्रत्याशी।

वर्ष 2014 का चुनाव परिणाम

प्रत्याशी -    पार्टी -    मिले मत

नारायण दास -    भाजपा -    92022

सुरेश पासवान -    राजद    - 46870

निर्मला भारती -    झामुमो    - 23459

मतदाताओं की संख्या

कुल मतदाता - 3,59141

महिला मतदाता - 1,61,072

पुरुष मतदाता - 1,91,069

Edited By: Sujeet Kumar Suman