यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 26, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
छत्तीसगढ़ के मंत्री पर टिप्पणी को लेकर चुनाव आयोग ने हिमंत बिस्वा सरमा को भेजा नोटिस, 30 अक्टूबर तक मांगा जवाब
चुनाव आयोग ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान टिप्पणी करने को लेकर नोटिस ...और पढ़ें

पीटीआई, नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान टिप्पणी करने को लेकर नोटिस भेजा है। हिमंत बिस्वा सरमा ने पिछले हफ्ते विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान छत्तीसगढ़ के मंत्री मोहम्मद अकबर पर टिप्पणी की थी।
हिमंत बिस्वा सरमा को नोटिस
इस मामले में चुनाव आयोग ने असम के मुख्यमंत्री को कारण बताओ नोटिस जारी किया है और 30 अक्टूबर शाम पांच बजे तक नोटिस का जवाब देने को कहा गया है। मुख्यमंत्री सरमा की टिप्पणी को लेकर कांग्रेस ने शिकायत दर्ज कराई थी।
असम के सीएम ने की थी टिप्पणी
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 18 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ के कवर्धा में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि अगर अकबर को नहीं भेजा गया, तो माता कौशल्या की भूमि अपवित्र हो जाएगी। उन्होंने कहा था कि अगर एक अकबर कहीं आता है, तो 100 अकबरों को बुलाता है। इसलिए जितनी जल्दी हो सके उसे विदा करो, नहीं तो माता कौशल्या की धरती अपवित्र हो जाएगी।
सरमा की टिप्पणी पर क्यों मचा बवाल?
ऐसा मानना है कि भगवान राम की माता कौशल्या छत्तीसगढ़ की रहने वाली थीं। साथ ही सरमा ने धर्मांतरण समेत कई अन्य मुद्दों को लेकर भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार पर भी हमला बोला था। उन्होंने कहा था कि आज हमारे प्रिय छत्तीसगढ़ के आदिवासियों को आए दिन धर्म परिवर्तन के लिए उकसाया जा रहा है और जब कोई इसके खिलाफ आवाज उठाता है तो भूपेश बघेल जी कहते हैं हम सेक्युलर हैं।
हिमंत बिस्वा सरमा की इस टिप्पणी के बाद कांग्रेस ने कवर्धा से अपने उम्मीदवार अकबर के खिलाफ टिप्पणी के लिए असम के सीएम सरमा के खिलाफ चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी। कांग्रेस ने हिमंत बिस्वा सरमा पर समाज में लोगों को एक दूसरे के खिलाफ भड़काने का आरोप लगाया था।
