नई दिल्ली [प्रियंका दुबे मेहता]। Delhi Assembly Elections 2020: जनकपुरी विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी आशीष सूद अपनी सक्रियता के लिए युवाओं में सराहे जाते हैं। वे चुनावी भागदौड़ में भी खुद को थकने नहीं देते। उनका कहना है कि अगर आप फिट हैं, तो आपका मन आपको थकने नहीं देता। ऐसे में वे भले ही पूरी रात न सोएं, लेकिन सुबह जल्दी उठकर आधा घंटा फिटनेस पर लगाते हैं।

इसमें दस मिनट का योग शामिल रहता है। इस समय ड्रेस कोड का भी वे विशेष ख्याल रखते हैं और सोशल मीडिया से कदमताल उन्हें सबसे बड़ी जरूरत लगती है। ऐसे में सोशल मीडिया पर भी सक्रिय रहते हैं।

साइकिलिंग और योग से रहते हैं फिट

कितनी भी व्यस्तता हो, आशीष दिन की शुरुआत साइकिलिंग और योग से ही करते हैं। चुनावों के दौरान वे दस मिनट की साइकिलिंग, दस मिनट का योग और दस मिनट का समय भगवान की आराधना में बिताते हैं। उनका कहना है कि इन तीनों चीजों से उन्हें दिन भर की ऊर्जा मिल जाती है। साइकिलिंग के लिए वे घर पर ही बने जिम का उपयोग करते हैं और योग के लिए शांत कमरे में अपने आपको कुछ पल बंद रखते हैं।

इस समय केवल हल्का भोजन

आशीष शाकाहारी हैं और पौष्टिक भोजन को तरजीह देते हैं, लेकिन कई बार ‘डाइट चीटिंग’ कर लेते हैं। वे अपनी पसंद का राजमा चावल, छोले भठूरे और अन्य भोजन कई बार ले लेते हैं, लेकिन चुनावों के दौरान वे पूरी तरह से हल्के व ऊर्जादायक भोजन पर हैं। इस समय वे हरी सब्जी, हल्की दाल, स्प्राउट्स आदि पर निर्भर हैं। उनका कहना है कि भोजन के प्रकार से ज्यादा उसके ग्रहण करने के समय पर स्वास्थ्य निर्भर करता है। ऐसे में वे डिनर शाम साढ़े सात बजे गाड़ी में ही कर लेते हैं, ताकि अगले दिन के लिए वे अपने आप को पूरी तरह स्वस्थ व ऊर्जावान रख सकें।

फॉर्मल से लेकर कैजुअल परिधानों तक का शौक

पहनावे में आशीष की पसंद व्यापक है, वे दिन में तीन से चार अवतार में नजर आ सकते हैं। जिमिंग के समय ट्रैक सूट, सामान्य तौर पर जींस टीशर्ट और योग करते हुए आरामदायक परिधानों को पहनना पसंद करते हैं। चुनावी सभाओं और पदयात्र में सफेद कुर्ता पायजामा। आशीष का कहना है कि उनके कपड़ों का चयन उनकी दोनों बेटियां करती हैं। फुटवियर्स भी वे बच्चों की पसंद का ही पहनते हैं। पसंदीदा पोशाक में जैकेट, कुर्ता पायजामा और बंद गले का कोट है। गुलाबी और काला रंग उन्हें बेहद पसंद है। मेरी बेटियां भी इसका ध्यान रखती हैं।

सकारात्मकता देता है परिवार का सहयोग

आशीष का परिवार उनका सपोर्ट सिस्टम बना हुआ है। उनके बच्चे सोशल मीडिया के जरिए उन्हें सहयोग दे रहे हैं। बच्चों को वे क्वालिटी समय नहीं दे पा रहे हैं, लेकिन बच्चे उन्हें पूरा समय दे रहे हैं। वे गतिविधियों को पोस्ट करने से लेकर जानकारी का ट्रैक रखने में सहायता कर रहे हैं।

फिल्म, संगीत और किताबों का शौक

चुनावी गतिविधियों के बीच थोड़े फुर्सत के पल चुरा लेते हैं। इस दौरान वे आंखें बंद कर पुराने फिल्मी गाने सुनना पसंद करते हैं। इसके अलावा हरिओम शरण के भजन व दुर्गा चालीसा से उन्हें एनर्जी की एक अलग डोज मिलती है। किताबों की पर्सनल लाइब्रेरी में बैठने मात्र से दिन भर की थकान उतर जाती है। उनका कहना है कि घर में उनकी पसंदीदा जगह हैं, जहां बैठने मात्र से दिलो दिमाग तरोताजा हो जाता है। इसके अलावा उन्होंने अपने मोबाइल में पसंदीदा गानों की एक सूची बना रखी है। समय मिलने पर उसे ही प्ले करके संगीत का लुत्फ उठाते हैं।

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Posted By: Mangal Yadav

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