नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। दिल्ली सरकार की मुफ्त वाई-फाई की सुविधा के आगामी दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले शुरू हो जाने का रास्ता साफ हो गया है। नवंबर से हॉट-स्पॉट लगाने का काम शुरू होने जा रहा है। इसके लिए प्रेस्टो इंफोसॉल्यूशन को 11 हजार हॉट स्पॉट लगाने के लिए अगले कुछ दिनों में टेंडर आवंटित होने जा रहे हैं। इसके लिए प्रेस्टो के साथ एक और निजी कंपनी एयरटेल ने टेंडर भरा था। लेकिन, प्रेस्टो की कीमत एयरटेल से कम थी। इसलिए इस कंपनी का चुनाव होना लगभग तय है।

प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 100 हॉट स्पॉट लगाए जाएंगे। इसके अलावा 4 हजार बस स्टॉप पर भी हॉट स्पॉट लगाए जाएंगे। इस तरह पहले चरण में 11 हजार हॉट स्पॉट काम करेंगे। प्रेस्टोइंफो सॉल्यूशन दिल्ली सरकार से प्रत्येक हॉट स्पॉट के लिए हर महीने करीब 6 हजार रुपये किराया वसूलेगी। इस पर सालाना 100 करोड़ खर्च होने की संभावना है।

मुफ्त वाई-फाई देने का AAP ने किया था चुनावी वादा 

मुफ्त वाई-फाई आम आदमी पार्टी का एक प्रमुख चुनावी वादा था। दिल्ली सरकार का दावा है कि यह दुनिया में किसी भी सरकार द्वारा मुफ्त वाई-फाई सुविधा जनता को प्रदान करने की सबसे बड़ी पहल है। बता दें कि दिल्ली में अगले साल 2020 में जनवरी या फरवरी में विधानसभा चुनाव संभावित है। ऐसे में केजरीवाल अपना चुनावी वादा पूरा कर जनता के बीच जाना चाहेंगे। 

योजना की खास बातें

  • 100 हॉट स्पॉट प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में लगेंगे।
  • 4 हजार हॉट स्पॉट 4 हजार बस स्टॉप पर लगाए जाएंगे।
  • ये ओपेक्स मॉडल है, जिसे सर्विस मॉडल भी कहा जाता है।
  • इसमें सारा पैसा संबंधित कंपनी खर्च करेगी।
  • सरकार उसे प्रति हॉट स्पॉट और प्रति महीने के हिसाब से भुगतान करेगी।
  • हॉट स्पॉट के 50 मीटर की रेंज में जितने लोग होंगे वे लाभांवित होंगे।
  • इसकी स्पीड 200 एमबीपीएस होगी।
  • प्रत्येक यूजर हर महीने 15 जीबी तक का डाटा फ्री में इस्तेमाल कर पाएगा।

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