नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। दिल्ली सरकार ने मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना के तहत यात्रियों की संख्या पर लगी सीमा हटा ली है। अब कितने भी बुजुर्ग दिल्ली के किसी भी विधानसभा क्षेत्र से यात्रा पर जा सकते हैं। यह फैसला बुजुर्ग यात्रियों के बढ़ते उत्साह को देखते हुए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के निर्देश पर लिया गया है। अभी तक एक विधानसभा क्षेत्र से 11 सौ यात्री ही जा सकते थे।

मुख्यमंत्री ने इस योजना के तहत पहली ट्रेन गत जुलाई में सफदरजंग रेलवे स्टेशन से अमृतसर के लिए रवाना की थी। एक व्यक्ति केवल एक बार इस योजना का लाभ उठा सकता है। बुजुर्गो की मांग पर दूसरे चरण में अब सरकार ने तिरुपति बालाजी, रामेश्वरम, द्वारकाधीश और शिरडी की भी यात्रा कराई जाएगी। इस योजना में सबसे अधिक आवेदन रामेश्वरम के लिए आए हैं।

16 हजार बुजुर्गों को मिलेगा लाभ

दिल्ली तीर्थयात्र विकास समिति के अध्यक्ष कमल बंसल ने बताया कि अब नवंबर के रूट तय हो गए हैं। अब से नवंबर को मिलाकर 16 हजार बुजुर्ग यात्रा का लाभ ले सकेंगे। नवंबर में 16 ट्रेनें विभिन्न तीर्थ स्थलों के लिए रवाना होंगी। इसमें से 29 अक्टूबर को रामेश्वरम, 30 अक्टूबर को तिरुपति बालाजी। तिरुपित के लिए पहली बार ट्रेन जाएगी। 31 अक्टूबर को द्वारकाधीश के लिए ट्रेन रवाना होगी। इसके बाद नवंबर में एक दिन छोड़कर लगातार ट्रेनों का जाना जारी रहेगा। शिरडी के लिए सात नवंबर को पहली ट्रेन जाएगी।

अब तक आ चुके हैं 60 हजार आवेदन

योजना के तहत अब तक 60 हजार आवेदन आ चुके हैं। इसमें बुजुर्ग सबसे अधिक रामेश्वर जाने के लिए आवेदन कर रहे हैं। इसमें 70 फीसद तक महिलाएं यात्रा पर जा रही हैं। दिल्ली सरकार के तीर्थ यात्रा विकास समिति के चेयरमैन कमल बंसल ने कहा कि मुख्यमंत्री चाहते हैं इस योजना के तहत जितने भी बुजुर्ग यात्रा पर जाना चाहते हैं सभी को मौका मिले। इसलिए यात्रियों की संख्या की सीमा हटाई है। बुजुर्ग इससे खुश हैं कि यात्रा में उन्हें बेहतर सुविधाएं दी जाती हैं।

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