नई दिल्ली [संजीव गुप्ता]। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय की तमाम कवायद के बावजूद विधानसभा चुनाव में इस बार दिल्ली का मतदान फीसद बढ़ना तो दूर, पिछले चुनाव का आंकड़ा भी नहीं छू पाया। प्रचार पर करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी मतदान फीसद नहीं बढ़ पाया। 2015 के विधानसभा चुनाव में जहां दिल्ली की 70 सीटों के लिए 67.12 फीसद मतदान हुआ था।

वहीं इस बार यह 61.67 फीसद पर ही सिमटकर रह गया। डॉ. रणबीर सिंह ने इस मतदान फीसद को उम्मीद के मुताबिक न होना बताते हुए इसके पीछे मतदाताओं की उदासीनता को भी मुख्य कारण बताया।

मतदान फीसद बढ़ाने के लिए दिल्ली में बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान चला। एफएम चैनलों पर रेडियो जिंगल चले, जगह-जगह सेमिनार और कार्यशालाओं का आयोजन किया गया। ऑल इंडिया रेडियो और समाचार पत्रों के माध्यम से भी मतदाताओं को अपना वोट डालने के लिए जागरूक किया गया। आउटडोर पब्लिसिटी के अंतगर्त खेल , नृत्य जगत के दिग्ग्ज खिलाड़ियों को जोड़ा गया। इसके तहत क्रिकेट स्टार ऋषभ पंत, टेबल टेनिस खिलाड़ी मनिका बत्र, दो पैरा ओलंपियन - नीरज यादव और अंकुर धामा, रेडियो जॉकी नावेद खान और मशहूर कथक नृत्यांगना अलकनंदा दासगुप्ता को भी जोड़ा गया।

मतदाता जागरूकता टीमें पार्कों, स्कूलों व कॉलेजों सहित कॉलोनियों में भी गईं। मतदाता जागरूकता के संदेशों वाली विशेष रेल चलाई गई, 17 मेट्रो ट्रेन भी चुनावी रंग में रंगी गई। बसों पर भी मतदाता जागरूकता वाले इश्तहार लगाए गए। मतदाताओं को वोट डालने के लिए वाट्सएप संदेश भेजा गया। शहर भर में होर्डिग्स लगाने के साथ-साथ समाचार पत्रों, रेडियो और टीवी पर भी काफी विज्ञापन दिए गए। इस सब करोड़ों रुपये का खर्च आया। इसके बावजूद इतने महंगे अभियान का अपेक्षाकृत परिणाम सामने नहीं आ पाया जिससे मतदान कम हुए।

मौसम रहा मेहरबान, फिर भी कम हुआ मतदान

लोकतंत्र के महापर्व पर मौसम तो मेहरबान रहा, लेकिन इससे मतदान प्रतिशत बढ़ाने में कोई खास मदद न मिल सकी। शनिवार को थोड़ी ठंडक तो रही, लेकिन मौसम का मिजाज सामान्य ही था। सुबह ही धूप खिल गई थी जो दिनभर खिली रही। अधिकतम तापमान सामान्य से 2 डिग्री कम 21.0 डिग्री सेल्सियस जबकि न्यूनतम तापमान सामान्य से 2 डिग्री कम 7.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। हवा में नमी का स्तर 52 से 97 फीसद रहा।

सीईओ डॉ. रणबीर सिंह ने बताया कि मतदान फीसद बढ़ाने और मतदाताओं को जागरूक करने के लिए हर संभव प्रयास किया गया। हमें उम्मीद थी कि मतदान 70 फीसद तक जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया तो अब क्या कहा जाए! इसे चिंता का विषय ही कहा जा सकता है। हालांकि इसके पीछे मतदाताओं की उदासीनता सहित कुछ अन्य कारण भी रहे हैं।

ये भी पढ़ेंः Delhi Assembly Election 2020: इन सीटों पर भाजपा और AAP के बीच सीधा मुकाबला!

 Delhi Election 2020: 5 विधानसभा क्षेत्रों में हुई बंपर वोटिंग, ओखला में महज 51 फीसद मतदान

गुरुग्राम में एक महिला नेता की गोली मारकर हत्या, प्रेम प्रसंग से नाराज था पति

SI Preeti Murder: किसी के गले नहीं उतर रही पुलिस की थ्योरी, इन सवालों का देना होगा जवाब

 

Posted By: Mangal Yadav

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस