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    Delhi Assembly Election 2020: विरासत संभालने के लिए भाजपा के दिग्गज नेताओं के भाई व बेटे मांग रहे टिकट

    By Mangal YadavEdited By:
    Updated: Wed, 08 Jan 2020 02:38 PM (IST)

    Delhi Assembly Election 2020 दिल्ली के पहले मुख्यमंत्री रहे मदनलाल खुराना के पुत्र हरीश खुराना मोतीनगर से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं।

    Delhi Assembly Election 2020: विरासत संभालने के लिए भाजपा के दिग्गज नेताओं के भाई व बेटे मांग रहे टिकट

    नई दिल्ली [संतोष कुमार सिंह]। दिल्ली विधानसभा चुनाव की घोषणा के साथ ही टिकट हासिल करने के लिए नेताओं की जोर-आजमाइश भी बढ़ गई है। इस दौड़ में भाजपा नेताओं के पुत्र और रिश्तेदार भी शामिल हैं। उनकी कोशिश टिकट हासिल कर अपने परिवार की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने की है। प्रदेश इकाई व राष्ट्रीय नेताओं के सामने अपनी दावेदारी जताने के साथ ही क्षेत्र में कार्यकर्ताओं को भी अपने साथ जोड़ रहे हैं ताकि टिकट की दौड़ में आगे रह सकें।

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    विधानसभा गठन के बाद दिल्ली के पहले मुख्यमंत्री रहे मदनलाल खुराना के पुत्र हरीश खुराना मोतीनगर से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। पिछले कई चुनावों में उनकी दावेदारी रही है, लेकिन अबतक टिकट हासिल नहीं कर सके हैं। उनके समर्थकों को उम्मीद है कि इस बार पार्टी उन्हें चुनाव मैदान में उतारेगी।

    अन्य नेताओं के पुत्र भी जता रहे हैं दावेदारी

    खुराना इस समय प्रदेश भाजपा में प्रवक्ता की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। वर्ष 2008 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के चेहरा रहे प्रोफेसर विजय कुमार मल्होत्रा के पुत्र अजय मल्होत्र ग्रेटर कैलाश से दावेदारी जता रहे हैं। पार्टी ने उन्हें 2013 में इस विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया था, लेकिन उन्हें पराजय का सामना करना पड़ा था।

    राज्यपाल के बेटे भी जता रहे टिकट के लिए दावेदारी

    असम के राज्यपाल जगदीश मुखी के पुत्र अतुल मुखी जनकपुरी से टिकट की दौड़ में शामिल हैं। इस सीट से उनके पिता पांच बार प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। हालांकि, जगदीश मुखी को 2015 के विधानसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था। अब वह दिल्ली की चुनावी राजनीति से दूर राज्यपाल की जिम्मेदारी निभा रहे हैं।

    वहीं, तिलक नगर से विधायक रहे ओपी बब्बर के पुत्र व प्रदेश भाजपा के उपाध्यक्ष राजीव बब्बर तीसरी बार इस सीट से किस्मत आजमाना चाहते हैं। इससे पहले 2013 व 2015 में भी पार्टी ने उन्हें इस सीट से चुनाव मैदान में उतारा था, लेकिन वह विधानसभा नहीं पहुंच सके थे।

    पूर्व मुख्यमंत्री के भाई भी मांग रहे टिकट

    पूर्व मुख्यमंत्री साहिब सिंह वर्मा के भाई और सांसद प्रवेश वर्मा के चाचा मास्टर आजाद सिंह भी तीसरी बार मुंडका से टिकट की दावेदारी जता रहे हैं। इन्हें भी दो बार हार का सामना करना पड़ा है। घोंडा के पूर्व विधायक साहिब सिंह चौहान की विरासत संभालने के लिए उनकी बहू पूनम चौहान चुनाव लड़ना चाहती हैं, जबकि पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व वजीरपुर के पूर्व विधायक मांगेराम गर्ग के पुत्र सतीश गर्ग टिकट की रेस में बताए जाते हैं।

    पूर्व विधायक मोती लाल सोढ़ी के पुत्र हीरा सोढ़ी बल्लीमारान से और पूर्व विधायक मदनलाल गाबा के पुत्र दीपक गाबा विश्वासनगर से दावेदारी जता रहे हैं। पूर्व सांसद कंवर सिंह तंवर के बेटे ललित तंवर छतरपुर विधानसभा क्षेत्र से टिकट की दौड़ में बताए जाते हैं।