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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 22, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

CG Election Result 2023: जहां-जहां विधायकों की टिकट कटी, उन्हीं इलाकों में धड़ाम से गिरा वोटिंग परसेंटेज; बागी पलट सकते हैं गेम

By Prince SharmaEdited By: Prince Sharma
Published: Wed, 22 Nov 2023 05:00 AM (IST)

CG Election Result 2023 छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं मिलने से नाराज 20 बागियों ने निर्दलीय चुनाव लड़ा है। ...और पढ़ें

CG Election 2023: जहां-जहां विधायकों की टिकट कटी, उन्हीं इलाकों में धड़ाम से गिरा वोटिंग परसेंटेज
CG Election 2023: जहां-जहां विधायकों की टिकट कटी, उन्हीं इलाकों में धड़ाम से गिरा वोटिंग परसेंटेज

HighLights

  1. कांग्रेस-भाजपा ने जहां-जहां विधायकों या दिग्गजों के टिकट काटे हैं, वहां मतदान प्रतिशत गिरा है
  2. कांग्रेस ने जिन 22 विधायकों की टिकट काटे
  3. वहीं बिंद्रानवागढ़ में मतदान प्रतिशत एक प्रतिशत बढ़ा है।

राज्य ब्यूरो, रायपुर। कांग्रेस-भाजपा ने जहां-जहां विधायकों या दिग्गजों के टिकट काटे हैं, वहां मतदान प्रतिशत में अंतर यानी कमी देखने को मिली है। कांग्रेस ने जिन 22 विधायकों की टिकट काटे, उनमें से 10 सीटों पर मतदान वर्ष 2018 के मुकाबले वर्ष 2023 में एक से तीन प्रतिशत में कमी दर्ज की गई है, वहीं भाजपा ने जहां दो विधायकों के टिकट काटे, उनमें एक सीट बेलतरा में मतदान कम हुआ है, वहीं बिंद्रानवागढ़ में मतदान प्रतिशत एक प्रतिशत बढ़ा है।

राजनीतिक सूत्रों का कहना है कि जिन सीटों पर मतदान प्रतिशत कम हुआ है, वहां प्रत्याशियों की नाराजगी प्रमुख वजह बनकर सामने आई है,वहीं पार्टी प्रत्याशियों के खिलाफ बगावत भी प्रमुख कारण है। नाराज नेताओं ने खुले तौर पर भले अपनी नाराजगी जाहिर नहीं की,लेकिन अंदरुनी तौर पर उन्हें नुकसान पहुंचाया।

सरकार बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं बागी

इधर छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं मिलने से नाराज 20 बागियों ने निर्दलीय चुनाव लड़ा है। इनमें कांग्रेस के 12 और भाजपा के आठ हैं। इनमें से कुछ को दूसरे दल में शामिल होने के बाद टिकट मिला था। ऐसे प्रत्याशियों ने चुनाव को त्रिकोणीय बना दिया था। चुनाव के बाद लगातार चल रही समीक्षाओं के बाद जो हालात नजर आ रहे हैं, उसमें कांग्रेस और भाजपा के बीच कांटे का मुकाबला नजर आ रहा है। बहुमत के लिए किसी भी पार्टी को 46 सीटें जीतना जरूरी होगा। ऐसे में यदि कोई भी पार्टी एकदम करीब में आकर इस आंकड़े से चूकती है तो फिर निर्दलियों की भूमिका सरकार बनाने में महत्वपूर्ण हो जाएगी।

2018 के मुकाबले कम मतदान बड़ी वजह भी

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि 2018 के मुकाबले वर्ष 2023 में कम मतदान का बड़ा कारण भी मौजूदा विधायकों के टिकट काटने से लेकर नाराजगी थी। हालांकि यह अंतर एक प्रतिशत से कम रहा,लेकिन निर्वाचन के तमाम प्रयासों के बाद भी वर्ष 2018 का रिकार्ड नहीं टूट पाया। वर्ष 2023 में 76.31 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया,वहीं 2018 में 76.88 प्रतिशत मत पड़े थे।

यहां दिलचस्प रहेंगे नतीजे

टिकट कटने के बाद जिन 11 सीटों पर मतदान कम हुआ है,वहां मुकाबला भी टक्कर का हो सकता है। उदाहरण के तौर पर पंडरिया, डोंगरगढ़, बिलाईगढ़, महासमुंद, नवागढ़, सामरी, रामानुजगंज आदि विधानसभा क्षेत्रों में राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं। यहां कांग्रेस को ज्यादातर सीटों पर जीत-हार का अंतर कम रहने के साथ ही उलटफेर भी देखने को मिल सकता है। इस मामले पर कांग्रेस का दावा है कि मजबूत सर्वे और जीतने वाले प्रत्याशियों पर दांव लगाया गया है। इसलिए इन सीटों पर विधायकों के टिकट कटने से बहुत ज्यादा असर परिणामों पर नहीं आएगा।

इन सीटों पर घट गई वोटिंग

सीट- 2018- 2023

  • खुज्जी -84.76- 82.43
  • प्रतापपुर- 84.04 -83.45
  • पालीतानाखार -81.83- 80.73
  • सराईपाली- 83.07 -81.71
  • पंडरिया- 77.84- 75.27
  • डोंगरगढ़ -82.70- 81.93
  • धरसींवा -78.52- 77.64
  • रायपुर ग्रामीण- 61.16- 58.5
  • महासमुंद -81.03- 78.31
  • बिलाईगढ़- 71.75- 70.92

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भाजपा ने जहां टिकट काटी,वहां मतदान

सीट-2018-2023

  • बेलतरा-68.02-65.71
  • बिंद्रानवागढ़-85.70-86.02

इन सीटों पर बढ़ी वोटिंग

सीट-2018-2023

  • जगदलपुर 78.40 -78.47
  • कांकेर- 79.11- 81.14
  • चित्रकोट- 80.69 -81.76
  • अंतागढ़- 75.21 -79.79
  • दंतेवाड़ा -60.64 -69.88
  • लैलूंगा- 84.96- 85.52
  • कसडोल- 74.17- 74.65
  • सिहावा -82.75- 87.64
  • नवागढ़- 73.10- 75.95
  • मनेंद्रगढ़- 73.97- 74.24
  • रामानुजगंज- 82.14- 83.51
  • सामरी -82.50- 83.44

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