CG Election 2023: छत्तीसगढ़ के दुर्ग की मध्य प्रदेश में धमक, दो बार MP को दिए CM; जानिए बघेल का कनेक्शन
CG Election 2023 मध्यप्रदेश से अलग होकर छत्तीसगढ़ राज्य बना। छत्तीसगढ़ की राजनीति में भी जिले का दबदबा कायम रहा। यहां से पाटन विधायक भूपेश बघेल राज्य के तीसरे मुख्यमंत्री बने। वर्तमान में प्रदेश सरकार में सबसे अधिक मंत्री दुर्ग संभाग से ही हैं। यहां के चंदूलाल चंद्राकर पहली बार वर्ष 1970 में दुर्ग लोकसभा से सांसद चुने गए थे। वे 1970 से लेकर 1991 तक पांच बार सांसद रहे।

टी. सूर्याराव भिलाई, जेएनएन। छत्तीसगढ़ ही नहीं अविभाजित मध्यप्रदेश की राजनीति में दुर्ग की धमक रही है। औद्योगिक नगरी के रूप में पहचाने जाने वाले दुर्ग से मोतीलाल वोरा, चंदूलाल चंद्राकर जैसे राजनेता निकले, जो दिल्ली की राजनीति में भी पकड़ बनाकर रखे हुए थे। दुर्ग से विधायक रहे मोतीलाल वोरा अविभाजित मध्यप्रदेश में दो बार मुख्यमंत्री रहे। वे केंद्रीय मंत्री और राज्यपाल के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
पत्रकार के रूप में करियर की शुरुआत करने वाले कोलिहापुरी निवासी चंदूलाल चंद्राकर भी केंद्र में विदेश मंत्री जैसे पद पर रहे। इसके अलावा सांसद मोहन लाल बाकलीवाल, जिले की राजनीति में चाणक्य के नाम से जाने जाने वाले स्व. दाऊ वासुदेव चंद्राकर, स्व. प्यारेलाल बेलचंदन जैसे नेताओं की पकड़ प्रदेश की राजनीति में भी देखने को मिलती रही है।
मध्यप्रदेश से अलग होकर छत्तीसगढ़ राज्य बना। छत्तीसगढ़ की राजनीति में भी जिले का दबदबा कायम रहा। यहां से पाटन विधायक भूपेश बघेल राज्य के तीसरे मुख्यमंत्री बने। वर्तमान में प्रदेश सरकार में सबसे अधिक मंत्री दुर्ग संभाग से ही हैं। यहां के चंदूलाल चंद्राकर पहली बार वर्ष 1970 में दुर्ग लोकसभा से सांसद चुने गए थे। वे 1970 से लेकर 1991 तक पांच बार सांसद रहे। वर्ष 1980 से लेकर 1982 तक वे पर्यटन और नागरिक उड्डयन केंद्रीय राज्यमंत्री रहे। अर्जुन सिंह, पटवा और दिग्गी सरकार में रहे मंत्री अविभाजित मध्यप्रदेश में दुर्ग संभाग के कई नेता कांग्रेस व भाजपा की सरकार में मंत्री रहे।
अर्जुन सिंह की सरकार में मोतीलाल वोरा, डौंडीलोहारा विधानसभा क्षेत्र के विधायक झुमुकलाल भेड़िया भी मंत्री रहे। श्यामाचरण शुक्ल की सरकार में नवागढ़ (मारो) विधानसभा क्षेत्र के तत्कालीन विधायक किशन लाल कुर्रे मंत्री रहे हैं। भाजपा की सुंदरलाल पटवा सरकार में भिलाई के विधायक प्रेमप्रकाश पांडेय भी मंत्री रहे है। इसी तरह मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के शासनकाल में पाटन के तत्कालीन विधायक भूपेश बघेल, साजा के विधायक रविंद्र चौबे भी मंत्री रहे हैं। गुण्डरदेही विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहे हरिहर प्रसाद शर्मा भी दिग्गी सिंह सरकार में कुछ दिनों तक राज्यमंत्री रहे।
2013 में दुर्ग बना था प्रदेश का 5वां संभाग
राज्य गठन के समय प्रदेश में तीन संभाग रायपुर, बस्तर और बिलासपुर था। 2008 में संभागों का गठन किया गया और चार संभाग रायपुर, बिलासपुर, बस्तर और सरगुजा बनाया गया। 15 अगस्त 2013 को तत्कालीन मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने दुर्ग को संभाग बनाने की घोषणा की और रायपुर से विभाजित कर दुर्ग प्रदेश का 5वां संभाग बनाया गया। वर्तमान में दुर्ग संभाग में 20 विधानसभा सीट है। इसमें मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पाटन, मंत्री ताम्रध्वज साहू की दुर्ग ग्रामीण, रविंद्र चौबे की साजा, अनिला भेड़िया की डौंडीलोहारा और रुद्र गुरु की अहिवारा विधानसभा शामिल है।
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