रायपुर। दूसरे चरण के मतदान से ठीक एक दिन पहले 19 नवंबर को पीसीसी चीफ भूपेश बघेल और अन्य कांग्रेसियों को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के सामने धरना देना महंगा साबित हुआ है। गोलबाजार पुलिस ने निर्वाचन आयोग से मिले प्रतिवेदन के आधार पर बघेल समेत अन्य कांग्रेसियों के खिलाफ अलग-अलग धाराओं में अपराध कायम कर लिया है।

जानकारी के मुताबिक किसानों से जुड़े मुद्दे को फर्जी तरीके से कांग्रेस के लेटर हेड में सामने लाने और पाटन विधानसभा में जातिगत मामले को फैलाने के उद्देश्य से लगाए गए पोस्टर के खिलाफ तथा चुनाव प्रचार थमने के बाद भी भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव एवं प्रदेश प्रभारी अनिल जैन और राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री सौदान सिंह के रायपुर में रुके होने को लेकर पीसीसी चीफ भूपेश बघेल समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस नेताओं व कार्यकर्ताओं ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के दफ्तर के बाहर धरना देते हुए भजन-कीर्तन किया था।

राज्य निर्वाचन आयोग से पुलिस प्रशासन के पास प्रतिवेदन गया था कि धारा 144 लगे होने के बाद भी दफ्तर के सामने धरना-प्रदर्शन हुआ। गोलबाजार थाना पुलिस ने इसे गंभीरता से लेते हुए मामले में धारा 188, 151 तथा 126 के तहत अपराध दर्ज कर लिया।

एडिशनल एसपी सिटी प्रफुल्ल ठाकुर ने बताया कि धारा 144 लगे रहने के बाद भी निर्वाचन कार्यालय में भीड़ लेकर पहुंचने की शिकायत पर गोलबाजार पुलिस ने कार्रवाई करते 188, लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 126 के तहत अपराध पंजीबद्घ किया है।

Posted By: Sandeep Chourey

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