मुजफ्फरपुर, जेएनएन। Bihar, Muzaffarpur Assembly Elections 2020 : बिहार विधानसभा चुनाव 2020 (Bihar Assembly Elections 2020) अपने  चरम की ओर बढ़ता जा रहा है। तीसरे चरण की नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के बाद अब उम्मीदवारों की तस्वीर भी साफ होती जा रही है। इसी क्रम में आज भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने तीसरे चरण के लिए अपने 35 उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी। इसमें मुजफ्फरपुर (Muzaffarpur) से तीन विधानसभा सीटों के लिए उम्मीदवारों के नाम की घोषणा की गई है। 

कड़ी प्रतियोगिता का सामना 

मुजफ्फरपुर नगर विधानसभा सीट से नगर विकास एवं आवास मंत्री सुरेश कुमार शर्मा (Suresh kumar Sharma) , कुढ़नी से भी निवर्तमान विधायक केदार गुप्ता और औरााई से भाजपा ने अपने पूर्व जिलाध्यक्ष रामसूरत राय को उम्मीदवार घोषित किया है। इस तरह तमाम आशंकाओं को पीछे छोड़ते हुए नगर विकास एवं आवास मंत्री सुरेश कुमार शर्मा ने मुजफ़्फरपुर नगर विधानसभा से भाजपा का सिंबल हासिल करने में सफलता प्राप्त कर ली। हालांकि उम्मीदवारों के नाम की घोषणा नहीं होने से बदलाव की आशंका व्यक्त की जा रही थी। हालांकि इस सीट से सिंबल हासिल करने के लिए नगर विकास एवं आवास मंत्री को कड़ी प्रतियोगिता का सामना करना पड़ा था। इस सीट से राजेश वर्मा और वर्तमान जिलाध्यक्ष रंजन कुमार के नाम भी सिंबल हासिल करने वालों की सूची में था। इस जलजमाव की वजह से शहर के लोगों को होनेवाली परेशानी और इससे उपजे असंतोष को बदलाव का आधार कहा जा रहा था। लेकिन, इस आशंकाओं को पीछे छोड़ते हुए सुरेश कुमार शर्मा ने सिंबल हासिल करने में सफलता हासिल की। वर्तमान स्थिति को देखते हुए यह कहा जा सकता है उनका मुकाबला महागठबंधन(Grand alliance) प्रत्याशी बिजेंद्र चौधरी से होगा। पिछले चुनाव में भी ये दोनों ही आमने-सामने थे। उस समय बिजेंद्र चौधरी जदयू (JDU)प्रत्याशी के रूप मे सुरेश शर्मा से मुकाबला कर रहे थे। 

दो बार से जीत रहे सुरेश शर्मा 

 मुजफ्फरपुर नगर विधानसभा सीट पर 159872 पुरुष, 136253 महिला एवं 09 थर्ड जेंडर मतदाता हैं। वर्ष 2015 के चुनाव में भाजपा प्रत्याशी के रूप में ही सुरेश कुमार शर्मा ने 94565 मत हासिल किए थे। उन्होंने जदयू प्रत्याशी विजेंद्र चौधरी को हराया था। उन्हें 65159 मत मिले थे। जहां तक 2010 में हुए चुनाव की बात है तो उस समय भी सुरेश कुमार शर्मा ने बतौर भाजपा प्रत्याशी ही जीत हासिल की थी।  उस समय उन्होंने लोजपा (LJP) के  मो. जमाल को हराया था। 2005 में यहां  से राजद के सिबंल पर विजेंद्र चौधरी विजयी हुए थे। उस समय उन्होंने कांग्रेस (Congress) के विनीता विजय को हराया था। शहर की यह सीट पर लंबे समय तक कांग्रेस के दिग्गज रहे रघुनाथ पांडेय जीतते रहे। उसके बाद राजद (RJD) के पास यह सीट रही। लेकिन उसके बाद यह भाजपा का गढ़ बन गया है। 

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