CJP के सौरव दास और आशुतोष रांका को क्यों भेजा गया तिहाड़ जेल? दिल्ली पुलिस ने बताई वजह
सीजेपी के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को जंतर-मंतर पर अनाधिकृत प्रदर्शन और सार्वजनिक शांति भंग करने के आरोप ...और पढ़ें

मंगलवार को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर पहुंचे सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरभ दास और आशुतोष रांका को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। वीडियो ग्रैब (एएनआई)
HighLights
सौरव दास, आशुतोष रांका 5 दिन की न्यायिक हिरासत में।
जंतर-मंतर पर अनधिकृत प्रदर्शन के बाद हुई गिरफ्तारी।
सार्वजनिक शांति भंग करने, लोगों को भड़काने का आरोप।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के सौरव दास और आशुतोष रांका को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया गया है। दिल्ली पुलिस का कहना है कि बार-बार सार्वजनिक शांति भंग करने और सोशल मीडिया के जरिए लोगों को भड़काने की कोशिशों को ध्यान में रखते हुए आशुतोष रांका, सौरव दास और आजिंक्य शिंदे को गिरफ्तार किया गया था। हालांकि, आजिंक्य को पांच हजार के श्योरिटी बांड को भरने के बाद जमानत दे दी गई है।
पिछली गिरफ्तारी से अब तक सीजेपी आंदोलन में क्या-क्या हुआ?
सौरव दास और आशुतोष रांका को 11 अक्टूबर दिन रविवार को एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किए जाने के बाद एक साल तक शांति बनाए रखने की शर्त पर रिहा किया गया था।
उन्हें उस समय 10 अक्टूबर को दिल्ली एयरपोर्ट पर फ्लाइट के अंदर से ही अभिजीत दीपके के साथ हिरासत में लिया गया था।
हालांकि, मंगलवार सुबह जंतर-मंतर पर अनधिकृत प्रदर्शन करने के बाद उन्हें दोबारा हिरासत में लेकर बुधवार सुबह कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उन्हें 5 दिन की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया गया है।
कुल 14 प्रदर्शनकारियों पर दर्ज की गई थी एफआईआर
दिल्ली पुलिस द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, मंगलवार को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के सदस्यों द्वारा जंतर-मंतर पर किए गए प्रदर्शन को लेकर कड़ी कानूनी कार्रवाई की गई है। पुलिस ने इस मामले में सौरव दास, आशुतोष रांका और आजिंक्य सहित 14 लोगों पर एफआईआर दर्ज की है।
कैसे हुआ विवाद और क्या है पूरा मामला?
पुलिस के मुताबिक, मंगलवार की सुबह सौरव दास, आशुतोष रांका, आजिंक्य शिंदे और सीजेपी के 11 अन्य सदस्य एक प्राइवेट परिसर से अवैध रूप से घुसपैठ करते हुए जंतर-मंतर पहुंचे, जो कि एक प्रतिबंधित/डिनोटिफाइड प्रदर्शन स्थल है। जब वहां तैनात पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की, तो प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की की और सरकारी काम में बाधा डाली।
कनॉट प्लेस और पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में हुई एफआईआर
पुलिस ने इस घटना के संबंध में कड़ा रुख अपनाते हुए कनॉट प्लेस थाने में बीएनएस की धाराओं 223(ए), 332, 61(2) के तहत एवं पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में धाराएं 221, 115(2), 132, 121(1), 3(5) के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया है। शुरुआत में सभी 14 लोगों को हिरासत में लेकर नियमों के तहत कार्रवाई की गई।
क्यों हुई गिरफ्तारी और न्यायिक हिरासत?
पुलिस ने बताया कि बार-बार सार्वजनिक शांति भंग करने और सोशल मीडिया के जरिए लोगों को भड़काने की कोशिशों को ध्यान में रखते हुए, आशुतोष रांका, सौरव दास और आजिंक्य शिंदे को गिरफ्तार किया गया है।
इन तीनों को स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (एसईएम) की अदालत में पेश किया गया, जहां बीएनएसएस की धारा 126/170 के तहत कार्रवाई हुई। अदालत ने बार-बार कानून तोड़ने और भविष्य में भी ऐसी गतिविधियों को अंजाम देने की आशंका को देखते हुए सौरव दास और आशुतोष रांका को 5 दिन की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल में भेज दिया।
वहीं, आजिंक्य शिंदे को 5000 रुपये के निजी मुचलके और श्योरिटी बांड भरने के बाद 6 महीने तक शांति और अच्छा आचरण बनाए रखने की शर्त पर जमानत पर छोड़ दिया।
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