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    Surya Grahan 2022: सूर्य ग्रहण और सूतक काल के दौरान नहीं करने चाहिए ये काम

    दीवाली की रात से सूतक काल की शुरुआत तो हो चुकी है सूर्य ग्रहण का समय केवल सात घंटों का ही होगा। सूर्य ग्रहण 25 अक्टूबर को सांय 4 बजे से 6 बजे तक रहेगा। सूतक काल का वक्त कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता है।

    By Nidhi VinodiyaEdited By: Updated: Thu, 27 Oct 2022 05:36 PM (IST)
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    सूर्य ग्रहण और सूतक काल के दौरान नहीं करने चाहिए ये काम

    नई दिल्ली, जागरण डिजिटल डेस्क। दिवाली की रात से सूतक काल की शुरुआत तो हो चुकी है, लेकिन सूर्य ग्रहण का समय केवल सात घंटों का ही होगा। सूर्य ग्रहण आज यानी 25 अक्टूबर को सांय 4 बजे से 6 बजे तक रहेगा। कहा जाता है कि सूतक काल का वक्त कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता है।

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    27 साल के बाद दिवाली के दूसरे दिन लगा ग्रहण 

    बता दें कि यह सूर्य ग्रहण इस साल का आखरी सूर्य ग्रहण है और पुरे 27 साल के बाद दिवाली के दूसरे दिन यह सूर्य ग्रहण लगा है। बहुत से ऐसे कार्य है जिन्हे सूतक काल के दौरान नहीं करना चाहिए। कहा जाता है कि गर्भवती महिलाओं और बच्चों को कई ऐसे कार्य हैं जो सूतक काल के दौरान नहीं करना चाहिए। आइये जानते हैं वह कौनसे कार्य हैं।

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    ग्रहण में सूतक काल के दौरान क्या नहीं करना चाहिए।

    • कहा जाता है की सूतक काल और ग्रहण के दौरान भगवान की मूर्ति को नहीं चुना चाहिए।
    • सूतक काल के समय कुछ भी खाना - पीना, सोना, किसी भी वास्तु को काटना नहीं चाहिए, ऐसा करने से नकारात्मक प्रभाव पड़ने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं।
    • इस समय शरीर या बालों में तेल लगाना, शारीरिक संबंध बनाना, यहां तक कि नींद लेना भी वर्जित होता है।
    • ग्रहण और सूतक काल के समय खाने का सेवन करना और खाना भी नहीं बनाना चाहिए। ऐसा करने से कई प्रकार की बीमारियां मनुष्य को हो सकती हैं।
    • ग्रहण या सूतक के समय से पहले सभी खाने के पदार्थ जैसे - दूध, दही मौर अचार जैसी चीजों में तुलसी दाल देनी चाहिए। अन्यथा यह भोजन दूषित हो जाते हैं और खाने लायक नहीं होते। लेकिन तुलसी के पत्तों को इनमें डाल देने से यह दोबारा उपयोग में लाए जा सकते हैं।

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    • यह भी कहा जाता है कि इस दौरान झूठ बोलना, मल-मूत्र विसर्जन से बचना चाहिए।
    • सूतक या ग्रहण के समय शरीर, वचन, बुद्धि और कर्मों में सावधानी बरतनी चाहिए।
    • मंदिरों में पूजा पाठ, घरों में पूजा या कोई और धार्मिक कार्य नहीं करना चाहिए।
    • इस दौरान बच्चे, वृद्ध, गर्भवती महिलाएं और रोगीयों जरुरत पड़ने पर खाना या दवा ले सकते हैं। ऐसा करने में उन्हें दोष नहीं लगता है।
    • गर्भवती महिलाओं को घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए। इन महिलाओं को हाथ में चाकू भी नहीं लेना चाहिए।