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Swiss Air Accident: शार्ट सर्किट, मैटेलिक फटीग और फ्यूल लीकेज समेत कई कारणों से इंजन में आग लगने की आशंका

Published: Mon, 27 Apr 2026 05:25 AM (IST)

दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर स्विस एयर के विमान के इंजन में आग लगने की घटना ने विमान ...और पढ़ें

कई कारणों से इंजन में आग लगने की आशंका। फाइल फोटो

कई कारणों से इंजन में आग लगने की आशंका। फाइल फोटो

HighLights

  1. पायलट की सूझबूझ से दिल्ली एयरपोर्ट पर बड़ा हादसा टला।

  2. स्विस एयर विमान के इंजन में आग के कारणों की जांच जारी।

  3. शार्ट सर्किट, फ्यूल लीकेज, मैटेलिक फटीग मुख्य आशंकाएं।

गौतम कुमार मिश्रा, नई दिल्ली। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर शनिवार स्विस एयर के विमान के साथ हुई घटना ने विमानों की सुरक्षा और तकनीकी रखरखाव पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

पायलट की सूझबूझ से एक बड़ी त्रासदी टल गई, लेकिन अब एयरलाइन की इंजीनियरिंग टीम इस गुत्थी को सुलझाने में जुटी है कि आखिर उड़ान भरते समय इंजन में आग क्यों लगी। फिलहाल यह विमान आइजीआइ पर खड़ा है। इसकी तकनीकी जांच जारी है।

जांच पूरी होने तक इस विमान को उड़ान भरने की इजाजत नहीं मिलेगी। इस बीच एयरलाइंस इस रूट पर परिचालन के लिए वैकल्पिक उड़ान की व्यवस्था करेगा। फिलहाल ज्यूरिख से नई दिल्ली की और नई दिल्ली से ज्यूरिख की उड़ान जारी है।

बर्ड हिट आग की सबसे बड़ी वजह

विमानन विशेषज्ञों के अनुसार, इंजन में आग लगने के पीछे निम्नलिखित तकनीकी और बाहरी कारण हो सकते हैं। आमतौर इंजन में आग लगने के पीछे सबसे अधिक आशंका बर्ड हिट की रहती है। लेकिन स्विस एयर के मामले में चूंकि घटना देर रात की है तो बर्ड हिट की संभावना नहीं के बराबर है।

एक अन्य आशंका कंप्रेशर में हवा के प्रवाह के बाधित होने की है। ऐसी स्थिति में इंजन के भीतर का दबाव अनियंत्रित हो जाता है और आग की लपटें इंजन के पिछले हिस्से से बाहर निकलने लगती हैं। विशेषज्ञ एक और आशंका की बात बताते हैं। यह आशंका फ्यूल या लुब्रिकेंट लाइन में लीकेज से जुड़ी है।

मैटेलिक फटीग की भी आशंका

दरअसल एक आधुनिक जेट इंजन के भीतर ईंधन और इंजन आयल की पाइपलाइनों का जाल होता है। यदि हाई-प्रेशर वाली किसी पाइप में सूक्ष्म दरार भी आ जाए, तो अत्यधिक गर्म इंजन पार्ट्स के संपर्क में आते ही ईंधन वाष्प बनकर आग पकड़ लेता है। विशेषज्ञ मैटेलिक फटीग यानि धातु की थकान के बारे में भी आशंका प्रकट करते हैं।

इसमें लगातार उड़ानों और अत्यधिक तापमान के कारण इंजन के पुर्जे कमजोर हो जाते हैं। यदि टर्बाइन का कोई एक ब्लेड भी अपनी जगह से उखड़ता है, तो वह इंजन के भीतर किसी ''ग्रैनेड'' की तरह फटता है, जिससे पूरा इंजन डैमेज हो जाता है।

आग लगने के पीछे इलेक्ट्रिकल शार्ट सर्किट भी कारण हो सकता है। किसी शार्ट सर्किट के कारण निकली चिंगारी वहां मौजूद तेल के जमाव को सुलगा सकती है।

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