मोती नगर के सुदर्शन पार्क में 15 दिन से जल संकट, लोग बूंद-बूंद पानी को तरसे
पश्चिमी दिल्ली के सुदर्शन पार्क में पिछले 15 दिनों से भीषण जल संकट गहराया हुआ है, जिससे करीब 100 घरों ...और पढ़ें

मोती नगर विधानसभा क्षेत्र के सुदर्शन पार्क में जल संकट गहरा गया।
HighLights
सुदर्शन पार्क में 15 दिन से दिल्ली जल बोर्ड का पानी नहीं।
भीषण गर्मी में लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं।
स्थानीय निवासियों ने खाली बाल्टी लेकर सड़कों पर विरोध किया।
मुकेश ठाकुर, पश्चिमी दिल्ली। राजधानी में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच मोती नगर विधानसभा क्षेत्र के सुदर्शन पार्क में जल संकट गहरा गया है। इलाके की एक गली के करीब 100 घरों में पिछले 15 दिनों से दिल्ली जल बोर्ड के नलों से पानी नहीं पहुंचा है। हालात ऐसे हैं कि लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। रविवार को बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी खाली बाल्टी और डब्बे लेकर सड़कों पर उतर आए और अपनी नाराजगी जताई।
स्थानीय लोगों के अनुसार प्रभावित गली में 25 से 30 बहुमंजिला इमारतें हैं, जिनमें बड़ी संख्या में किरायेदार परिवार रहते हैं। पानी न मिलने से सैकड़ों लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो गई है। पीने के पानी से लेकर अन्य घरेलू जरूरतों तक के लिए लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
70 फीट गहरे निजी बोरवेल भी गिरते भूजल स्तर के कारण सूख चुके
काफी शिकायतों और विरोध के बाद प्रशासन ने क्षेत्र में बंद पड़े एक सरकारी बोरवेल को चालू कराया, लेकिन उसका पानी सीमित मात्रा में ही उपलब्ध हो पा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे केवल ग्राउंड फ्लोर के कुछ घरों को ही राहत मिल रही है, जबकि अधिकांश परिवार अब भी संकट से जूझ रहे हैं। दूसरी ओर, इलाके में लोगों द्वारा करवाए गए 70 फीट गहरे निजी बोरवेल भी गिरते भूजल स्तर के कारण सूख चुके हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि भीषण गर्मी के इस दौर में पानी की समस्या ने उनका जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। उनका आरोप है कि अस्थायी व्यवस्थाओं से काम नहीं चलेगा और प्रशासन को जलापूर्ति की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
भीषण गर्मी में पानी के बिना जीना दूभर हो गया है। प्रशासन कम से कम एक दिन छोड़कर एक घंटे की नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करे ताकि लोगों को राहत मिल सके। - शशि, स्थानीय निवासी
चुनाव के समय नेताओं ने बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन आज जब लोग पानी के संकट से जूझ रहे हैं तो कोई हमारी सुध लेने नहीं आ रहा।अब दिल्ली और हरियाणा दोनों जगह एक ही पार्टी की सरकार है। - ममता, स्थानीय निवासी
सरकारी बोरवेल से सभी घरों तक पानी नहीं पहुंच रहा। मजबूरी में लोगों को बाहर से पानी लाना पड़ रहा है। कई परिवार दूषित पानी का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। - बबीता, स्थानीय निवासी
लोगों को समझ नहीं आ रहा कि आखिर पानी की समस्या का समाधान कब होगा। हम तो किराए के मकान में रहते हैं। स्थिति यह हो गई है कि घर का किराया दें कि पानी खरीदकर पीयें। - साक्षी, स्थानीय निवासी
समस्या उनके संज्ञान में है और समाधान के प्रयास किए जा रहे हैं। इस क्षेत्र में पानी की आपूर्ति के लिए एक अन्य पंप कई वर्षों से बंद पड़ा है, जिसके कारण परेशानी बढ़ी है। उसे दोबारा शुरू करवाने की प्रक्रिया चल रही है। पंप चालू होने के बाद क्षेत्र में जलापूर्ति में सुधार होगा। - हरीश खुराना, विधायक मोती नगर विधान सभा क्षेत्र
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