दिल्ली में वोटर लिस्ट में नाम नहीं आया तो न हों परेशान, आयोग से आया नया रास्ता; 47.56 लाख Voters को मिला एक और मौका
SIR के बाद दिल्ली में मसौदा मतदाता सूची से बाहर हुए लोगों को अब अंतिम सूची में नाम जुड़वाने का ...और पढ़ें

निर्वाचन आयोग ने अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और दोहरे नाम वाले लोगों को दोबारा गणना प्रपत्र भरकर अंतिम मतदाता सूची में नाम शामिल कराने की अनुमति देने का निर्णय लिया।
HighLights
मसौदा सूची से बाहर हुए लोग अब फिर से नाम जुड़वा सकेंगे।
निर्वाचन आयोग ने गणना प्रपत्र भरकर नाम शामिल कराने की अनुमति दी।
पुराने मतदाता पहचान पत्र से भी गणना प्रपत्र डाउनलोड कर सकेंगे।
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और दोहरे नाम (एएसडीडी) की श्रेणी में रखे जाने के कारण जिन लोगों के नाम मसौदा मतदाता सूची में शामिल नहीं हो सके थे, उन्हें अब नाम जुड़वाने का एक और मौका मिलेगा। निर्वाचन आयोग ने ऐसे लोगों को दोबारा गणना प्रपत्र भरकर अंतिम मतदाता सूची में नाम शामिल कराने की अनुमति देने का निर्णय लिया है।
एक सप्ताह में जारी किया जाएगा विस्तृत शेड्यूल
आयोग ने स्पष्ट किया है कि जो लोग पहले ही नाम जुड़वाने के लिए प्रपत्र-6 भरकर जमा कर चुके हैं, उन्हें दोबारा गणना प्रपत्र देने की जरूरत नहीं होगी। उनके आवेदनों पर तीन नवंबर को जारी आयोग के निर्देशों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। इस नई व्यवस्था को लागू करने की प्रक्रिया तैयार की जा रही है।
इसके लिए ऐसे मतदाताओं को अपने विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी या सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी के पास आवेदन करना होगा। दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी का कार्यालय एक सप्ताह के भीतर आवेदन लेने और जमा करने का विस्तृत शेड्यूल जारी करेगा।
पुराने मतदाता पहचान पत्र से भी मिलेगा प्रपत्र
एएसडीडी सूची में शामिल लोगों के अधूरे गणना प्रपत्र दोबारा तैयार किए जाएंगे। संबंधित मतदाता अपने पुराने मतदाता पहचान पत्र संख्या के जरिये निर्वाचन आयोग की वेबसाइट या ईसीआईनेट मोबाइल ऐप से भी प्रपत्र डाउनलोड कर सकेंगे। बूथ स्तर अधिकारी राजनीतिक दलों के बूथ स्तर प्रतिनिधियों के साथ मिलकर ऐसे लोगों से संपर्क करेंगे। इसके लिए घर-घर जाकर जानकारी जुटाने के साथ परिवार के सदस्यों, पड़ोसियों और आरडब्ल्यूए की भी मदद ली जाएगी।
पता नहीं बदला तो कारण बताना होगा
जिन लोगों ने अपना पता नहीं बदला है, वे हस्ताक्षर किया हुआ गणना प्रपत्र अनुबंध-बी के साथ जमा कर सकेंगे। इसमें उन्हें यह बताना होगा कि पहले गणना प्रपत्र क्यों जमा नहीं कर पाए थे। इसे बूथ स्तर अधिकारी, निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी या सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी के पास स्वयं अथवा परिवार के किसी सदस्य के माध्यम से जमा किया जा सकेगा।ईसीआईनेट ऐप पर हस्ताक्षर करके आनलाइन जमा करने की सुविधा भी मिलेगी।
पता बदलने वालों को भी राहत
दिल्ली के भीतर ही पता बदलने वाले मतदाताओं को अलग से पता परिवर्तन प्रपत्र-8 भरने की जरूरत नहीं होगी। वे नए पते और विधानसभा क्षेत्र की जानकारी के साथ अनुबंध-सी भरकर संबंधित अधिकारी को जमा कर सकेंगे। इसके साथ नए पते का प्रमाण देना होगा। बेघर लोगों के पास कोई दस्तावेज नहीं होने की स्थिति में बूथ स्तर अधिकारी की मौके पर जाकर तैयार की गई सत्यापन रिपोर्ट को पते के प्रमाण के रूप में स्वीकार किया जाएगा।
47.56 लाख नाम मसौदा सूची से बाहर
दिल्ली में कुल 1,45,10,299 मतदाताओं के लिए गणना प्रपत्र भरने और जमा करने की प्रक्रिया पूरी की गई थी। 31 अगस्त को जारी मसौदा मतदाता सूची में 97,53,577 मतदाताओं के नाम शामिल किए गए थे, जबकि 47,56,722 लोगों को एएसडीडी श्रेणी में रखा गया था।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय पहले भी इन नामों का सत्यापन करा चुका है। इस दौरान करीब साढ़े छह हजार ऐसे मतदाता मिले थे, जिन्हें दोबारा सूची में शामिल किया जाना था। अब नई व्यवस्था के तहत एएसडीडी सूची में शामिल अन्य लोगों को भी अंतिम मतदाता सूची में नाम जुड़वाने का अवसर मिलेगा।
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