एनसीआर से दिल्ली आने वाले वकीलों और कोर्ट स्टाफ को सशर्त राहत, पुरानी गाड़ियों के प्रवेश पर HC का बड़ा फैसला
दिल्ली हाई कोर्ट ने वकीलों और कोर्ट स्टाफ को दिल्ली में गैर-दिल्ली पंजीकृत बीएस-6 से पहले के वाहनों के प्रवेश ...और पढ़ें

अदालत के इस फैसले से दिल्ली के बाहर एनसीआर के शहरों में रहने वाले वकीलों और कोर्ट कर्मचारियों को राहत मिलेगी।
HighLights
दिल्ली हाई कोर्ट ने वकीलों को वाहन प्रतिबंध से छूट दी।
एनसीआर से आने वाले कोर्ट स्टाफ को भी राहत मिली।
यह छूट केवल अदालती कार्य-दिवसों पर लागू होगी।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली हाई कोर्ट ने वकीलों और कोर्ट स्टाफ को दिल्ली में गैर-दिल्ली पंजीकृत बीएस-6 से पहले के वाहनों के प्रवेश पर लगाए गए प्रतिबंध से छूट दे दी है। न्यायमूर्ति अमित महाजन की पीठ ने शुक्रवार को दिल्ली हाई कोर्ट बार एसोसिएशन (डीएचसीबीए) की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। यह छूट केवल अदालत के कार्य-दिवसों में लागू होगी। अदालत के इस फैसले से दिल्ली के बाहर एनसीआर के शहरों में रहने वाले वकीलों और कोर्ट कर्मचारियों को राहत मिलेगी।
दिल्ली में किस तरह की गाड़ियों के प्रवेश पर है प्रतिबंध?
दरअसल, दिल्ली सरकार ने वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए 23 जून को फैसला लिया था कि एक नवंबर से 31 जनवरी तक बीएस-6 उत्सर्जन मानकों का पालन नहीं करने वाले दूसरे राज्यों में पंजीकृत वाहनों को दिल्ली में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। इस प्रतिबंध के दायरे में बीएस-6 से पहले के मानक वाले गैर-दिल्ली पंजीकृत वाहन शामिल हैं।
वकीलों ने बेंच के सामने छूट के लिए क्या दी दलील?
बार एसोसिएशन ने इस प्रतिबंध से वकीलों को छूट देने की मांग करते हुए हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। एसोसिएशन के अध्यक्ष और वरिष्ठ अधिवक्ता एन हरिहरन ने अदालत को बताया कि गुरुग्राम, फरीदाबाद, नोएडा और गाजियाबाद समेत एनसीआर के विभिन्न शहरों से बड़ी संख्या में वकील दिल्ली की अदालतों में नियमित रूप से आते हैं। इनमें से कई वकील ऐसे वाहनों का इस्तेमाल करते हैं जो दिल्ली में पंजीकृत नहीं हैं और बीएस-6 मानक के अनुरूप नहीं हैं।
वकीलों को नियंत्रित तरीके से प्रवेश की अनुमति मिले
उन्होंने दलील दी कि वकील अदालतों में न्यायिक कार्य करते हैं। यदि उन्हें अपने वाहनों के साथ दिल्ली आने से रोका गया तो अदालतों का कामकाज प्रभावित होगा। उन्होंने सवाल उठाया कि जब वकीलों को ही अदालत पहुंचने में परेशानी होगी तो न्यायिक प्रक्रिया कैसे सुचारु रूप से चलेगी।
बार एसोसिएशन ने याचिका में कहा कि स्वच्छ हवा सुनिश्चित करना जरूरी है और सरकार को वाहनों के उत्सर्जन को नियंत्रित करने का अधिकार है, लेकिन इस प्रक्रिया में न्यायिक कामकाज और न्याय तक लोगों की पहुंच प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
एसोसिएशन ने कहा कि अदालतों में वकीलों की समय पर उपस्थिति न्यायिक प्रशासन और मुकदमों के पक्षकारों के हित में आवश्यक है। इसलिए वकीलों को नियंत्रित तरीके से प्रवेश की अनुमति दी जानी चाहिए।
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