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प्रॉपर्टी के फर्जी दस्तावेज के जरिये एसबीआई को लगाया 4 करोड़ का चूना, दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किए तीन जालसाज

Published: Thu, 13 Nov 2025 06:15 PM (IST)

दिल्ली पुलिस ने एसबीआई से चार करोड़ की ऋण धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। आरोपितों ने जाली ...और पढ़ें

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HighLights

  1. एसबीआई को 4 करोड़ का चूना।

  2. फर्जी दस्तावेजों से ऋण धोखाधड़ी।

  3. तीन जालसाज किए गए गिरफ्तार।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने एसबीआइ को जाली संपत्ति दस्तावेजों के जरिये चार करोड़ रुपये की ऋण धोखाधड़ी में शामिल एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में तीन जालसाजों को गिरफ्तार किया है।

जिनकी पहचान हरियाणा, हिसार के जतिन प्रसाद, राजेंद्र कुमार उर्फ राजा और संदीप सिंह के रूप में हुई है। ये आरोपी मेसर्स जुकिटो इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी के माध्यम से फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर बैंक से धोखाधड़ी से ऋण प्राप्त करने में शामिल थे।

ईओडब्ल्यू के उपायुक्त रवि कुमार सिंह के मुताबिक, मामले की शुरुआत तब हुई जब एक नागरिक ने शिकायत दी कि द्वारका सेक्टर-12 स्थित उसकी संपत्ति के दस्तावेजों और व्यक्तिगत पहचान पत्रों (पैन व आधार) की जालसाजी कर किसी ने बैंक से ऋण ले लिया है।

जांच में सामने आया कि कंपनी के निदेशक जतिन प्रसाद और उसके सहयोगियों ने उक्त संपत्ति के जाली दस्तावेज तैयार कर एसबीआई, एमजी रोड, गुरुग्राम शाखा से चार करोड़ की कैश क्रेडिट (सीसी) सीमा हासिल की।

मुख्य आरोपी संदीप सिंह ने संपत्ति मालिक के रूप खुद को पेश किया और जाली पैन व आधार के आधार पर खुद को कंपनी का निदेशक दर्शाया। बैंक से ऋण स्वीकृत होने के बाद रकम को विभिन्न निजी और फर्जी खातों में ट्रांसफर कर दिया गया और जानबूझकर ऋण अदायगी नहीं की गई। इस काम में सहयोग करने के बदले सह-अभियुक्तों को 60 लाख का कमीशन दिया गया।

आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए एसीपी वीरेंद्र कादयान की देखरेख में और इंस्पेक्टर निकेश कुमार और रामकेश के नेतृत्व में गठित टीम ने हरियाणा के कैथल और हिसार में छापेमारी कर आरोपियों को धर दबोचा।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी राजेंद्र कुमार उर्फ राजा पहले भी डकैती और चोरी के चार मामलों में शामिल रहा है, जबकि जतिन प्रसाद दिल्ली में स्थित कंपनी जुकिटो इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड का निदेशक है। संदीप सिंह हरियाणा का रहने वाला है और उसने खुद को शिकायतकर्ता राहुल चौधरी के रूप में प्रस्तुत किया था।

पुलिस ने बताया कि आरोपित गिरोह पहले असली संपत्तियों की जानकारी जुटाता था और उनके नाम पर जाली स्वामित्व व पहचान दस्तावेज तैयार करता था। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर बैंक से ऋण लेकर रकम का दुरुपयोग किया जाता था।

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