नई दिल्ली, राज्य ब्यूरो। जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय प्रशासन ने 9 फरवरी को हुई राष्ट्रविरोधी घटना के बाद एबीवीपी के कार्यकर्ता और छात्रसंघ के संयुक्त सचिव सौरभ शर्मा को भी 10 हजार का जुर्माना भरने का निर्देश दिया है। एबीवीपी ने जुर्माना भरने से मना कर दिया है।

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सौरभ कुमार शर्मा ने कहा कि हमें भारत माता की जय कहने की सजा मिली है। हम कैंपस में देशद्रोहियों का विरोध कर रहे थे। हमने इस मुद्दे को उठाया और जेएनयू प्रशासन ने हमें ही जुर्माना भरने को कहा है। हम इसका विरोध करते हैं और पांच छात्र भूख हडताल पर बैठे हैं।

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जेएनयू में एबीवीपी के अध्यक्ष आलोक सिंह का कहना है कि सौरभ शर्मा भारत के एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में कार्य कर रहे थे और यह संविधान के अनुरूप यह उनका मूल कर्तव्य था कि वे देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा करें।

हम यह मांग करते हैं कि सौरभ को दी गयी सजा समाप्त की जाये क्योंकि उनकी सजा एक गलत उदाहरण प्रस्तुत करेगी और कोई भी राष्ट्रवादी छात्र परिसर में होने वाली इस तरह की किसी भी राष्ट्रविरोधी गतिविधि का विरोध करने में संकोच करेगा। उन्होंने कहा कि 9 फरवरी की घटना में शामिल हुए लोग इस तरह की घटनाओं के अभ्यस्त रहे हैं उनको इतनी कम सजा देना शैतान को नायक बनाना है।

Posted By: Amit Mishra