Road Safety: यातायात पुलिस ने दिल्ली में 62 हॉटस्पॉट चुने, ओवरलोड वाहन और ब्लैक स्पॉट पर विशेष अभियान
दिल्ली यातायात पुलिस ने सड़क सुरक्षा बढ़ाने के लिए 62 हॉटस्पॉट की पहचान की है। इन स्थानों पर ओवरलोड वाहनों और ब्लैक स्पॉट पर विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई करना और दुर्घटनाओं को रोकना है, जिससे सड़क सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

यातायात पुलिस के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त दिनेश कुमार गुप्ता ने दैनिक जागरण से सड़क सुरक्षा पर की खास बातचीत।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। राजधानी में यातायात जाम की समस्या दिल्लीवासियों और ट्रैफिक पुलिसकर्मियों के लिए एक गंभीर चुनौती बना हुआ है। कई सड़कों को पार करने में तो लोगों को घंटों जाम से जूझना पड़ता है। वहीं सर्दी बढ़ने के साथ ही कोहरे में वाहन चलाना चालकों के लिए परेशानी का सबब रहता है।
ऐसे में यातायात पुलिस की ओर से क्या तैयारियां की जा रही हैं और जाम की समस्या, लोगों की सुरक्षा को लेकर कौन से अभियान चलाए जा रहे हैं इसको लेकर जागरण संवाददाता मोहम्मद साकिब ने यातायात पुलिस के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त दिनेश कुमार गुप्ता से खास बातचीत की। पेश हैं बातचीत के महत्वपूर्ण अंश...
यातायात संबंधी सवाल और जवाब
प्रश्न:
अवैध कट की समस्या बहुत है। अचानक से वाहन के सामने अवैध कट से वाहन आ जाते हैं जिससे दुर्घटनाएं होती है। इसके लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
उत्तर:
जहां भी अवैध कट बने हुए हैं उन्हें पीडब्ल्यूडी से कहकर बंद करवाया जाता है। यातायात पुलिस इन अवैध कट पर लगातार नजर रखती है क्योंकि इन अवैध कट के चक्कर में हादसों का खतरा बना रहता है।
प्रश्न:
जुगाड़ वाले वाहन और ऊपर से ओवरलोड होकर चलते हैं, इससे भी दुर्घटनाएं बढ़ती है। इसको लेकर क्या करा जा रहा है?
उत्तर:
जुगाड़ वाले वाहन और ओवरलोड वाहन चालकों के खिलाफ स्पेशल ड्राइव चलाई जा रही है। यातायात पुलिसकर्मी लगातार ऐसे वाहनों को सीज करते हैं। इसके लिए प्रतिदिन ड्राइव चलती है।
प्रश्न:
कई स्थानों पर जेब्रा क्रॉसिंग नहीं है, ट्रैफिक सिग्नल भी खराब रहते हैं, इससे भी दिक्कत होती है। इसका क्या समाधान है? कितने स्थान हैं जहां पर सिग्नल नए लगाए गए हैं या ठीक किए गए हैं?
उत्तर:
जहां भी ट्रैफिक सिग्नल खराब मिलते हैं उसके लिए 'सिग्नल ग्रुप' नाम से एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया हुआ है, जिसमें सभी ट्रैफिक इंस्पेक्टर जुड़े हुए हैं। जैसे ही कहीं ट्रैफिक सिग्नल खराब की सूचना ग्रुप पर चलती है तो तुरंत इंजीनियर द्वारा उसे ठीक किया जाता है। इसके अलावा टोडापुर स्थित ट्रैफिक हेडक्वार्टर से सिग्नल्स की टाइमिंग का सर्वे भी किया जाता है।
प्रश्न:
कोहरे को लेकर यातायात पुलिस ने क्या तैयारी की हैं, सड़क दुर्घटनाएं कोहरे के कारण न हो इसके लिए किस तरह के जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं साथ ही क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
उत्तर:
कोहरे बढ़ने के साथ ही सड़कों पर तैनात पुलिसकर्मियों को फोर्सन जैकेट, लाइट बार्स और शाल्डर लाइट्स लगाए जा रहे हैं, जिससे दृश्यता कम होने पर चालकों को परेशानी नहीं होगी। बेरिकेड पर लाइटिंग की भी व्यवस्था की गई है और सड़कों पर फोर्सन पेंट्स किया जा रहा है। वहीं यातायात पुलिसकर्मी समय-समय पर लोगों को जागरूक करने के लिए स्कूलों, कालेजों व सड़कों पर अभियान चलाए जा रहे हैं।
प्रश्न:
कई स्थानों पर अब भी ब्लैक स्पॉट और डार्क स्पॉट हैं। इसका कैसे समाधान होगा?
उत्तर:
इस माह से सभी एजेंसियों के साथ मिलकर इस पर काम किया जा रहा है। अब तक 62 हॉटस्पॉट चयनित किए गए हैं। इन पर यातायात पुलिस सभी एजेंसियों जैसे पीडब्ल्यूडी, नगर निगम व परिवहन विभाग आदि के साथ मिलकर जहां जो कमियां मिल रही हैं उन पर लगातार कार्य जारी है।
प्रश्न:
कई स्थानों पर भयंकर जाम की स्थिति रहती है। आइटीओ लाल बत्ती ही देख लिजिए व्यस्ततम चौराहा है। इसके अलावा कई स्थान हैं। इनका क्या समाधान है?
उत्तर:
कई मार्गों पर सुबह और शाम के समय जब दफ्तर से लोग निकलते हैं तो सड़कों पर वाहनों का दबाव बढ़ जाता है। ऐसे में अधिक जाम वाले मार्गों पर ईवनिंग सिग्नल्स को बंद करवाया जाता है और इन्हें मैनुअल मोड में चलाया जाता है। इसके अलावा जाम वाले मार्गों पर अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती बढ़ाई जा रही है।

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