Delhi News: एम्स के सर्वर पर रैनसमवेयर अटैक: साइबर आतंकवाद की धारा में भी दर्ज हुआ है मामला
सूत्रों के अनुसार विदेश से एम्स के सर्वर पर रैनसमवेयर अटैक होने की आंशका है। लेकिन किस देश से हैकर्स ने इसे अंजाम दिया है अभी यह पता नहीं चल सका है। बताया जा रहा है कि इस घटना से एम्स के लाखों मरीजों का डाटा चोरी हो गया है।
नई दिल्ली, राज्य ब्यूरो। देश के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान एम्स के सर्वर पर रैनसमवेयर अटैक का मामला गंभीर बनता जा रहा है। घटना के तीन दिन बाद भी यह पता नहीं चल सका है कि एम्स के सर्वर पर यह रैनसमवेयर अटैक किसने और कहां से किया है। इस मामले में दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल की साइबर सेल ने उगाही के अलावा सूचना तकनीक कानून के साइबर आतंकवाद की धारा में भी मुकदमा दर्ज किया है।
कई एजेंसियां जांच में जुटी
सीबीआइ (केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो) , एनआइए (राष्ट्रीय जांच एजेंसी), डीआरडीओ (रक्षा अनुसंधान व विकास संगठन) व आइबी जैसी एजेंसियां भी इस जांच में जुटी हैं। इसके अलावा दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल की साइबर सेल भी मामले की जांच कर रही है। सूत्रों के अनुसार विदेश से एम्स के सर्वर पर रैनसमवेयर अटैक होने की आंशका है। लेकिन, किस देश से हैकर्स ने इसे अंजाम दिया है अभी यह पता नहीं चल सका है। बताया जा रहा है कि इस घटना से एम्स के लाखों मरीजों का डाटा चोरी हो गया है। हालांकि, अधिकारिक तौर पर एम्स ने इसकी पुष्टि नहीं की है।
भविष्य में साइबर हमला रोकने के लिए तैयार की जा रही है योजना
एम्स ने शुक्रवार रात को बयान जारी कहा है कि घटना की जांच अभी चल रही है। इसे अलावा मरीजों के इलाज के लिए डिजिटल सेवाओं को बहाल करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। जल्दी डिजिटल सेवाएं सक्रिय हो जाएंगी। इसके साथ ही इस घटना से सबक लेकर एम्स साइबर सुरक्षा को मजबूत करने की तैयारियों में जुट गया है। एम्स ने अपने बयान में कहा है कि भविष्य में रैनसमवेयर जैसे हमलों को रोकने के लिए योजना तैयार की जा रही है। ताकि एम्स के सिस्टम को कोई हैक ना कर सके। मरीजों की जांच और इलाज मैनुअल तरीके से जारी रखा गया है।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।