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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 28, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

नगर निगम शिक्षक भर्ती परीक्षा में दोबारा आए 25 प्रश्न

By JagranEdited By:
Published: Sun, 28 Oct 2018 11:03 PM (IST)

दिल्ली अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड (डीएसएसएसबी) की ओर से आयोजित प्राइमरी शिक्षकों की परीक्षा प्रश्नपत्र में फिर एक बड़ी गड़बड़ी ...और पढ़ें

नगर निगम शिक्षक भर्ती परीक्षा में दोबारा आए 25 प्रश्न
नगर निगम शिक्षक भर्ती परीक्षा में दोबारा आए 25 प्रश्न

वीके शुक्ला, नई दिल्ली

दिल्ली अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड (डीएसएसएसबी) की ओर से आयोजित प्राइमरी शिक्षकों की भर्ती परीक्षा प्रश्नपत्र में फिर बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। गत 30 सितंबर को हुई परीक्षा के प्रश्नपत्र के ही 18 प्रश्न 28 अक्टूबर को हुई परीक्षा के प्रश्नपत्र में आ गए, जबकि 13-14 अक्टूबर को हुई परीक्षा के भी सात प्रश्न 28 अक्टूबर की परीक्षा में आए। इससे परीक्षार्थियों में रोष है। परीक्षार्थियों ने इसे अपने जीवन के साथ खिलवाड़ बताया है।

हिसार निवासी अनूप आर्य ने कहा कि इस गड़बड़ी से 28 अक्टूबर को परीक्षा देने वालों को भारी लाभ मिलेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मांग की है कि रिपीट हुए प्रश्नों के अंक न दिए जाएं अन्यथा पहले हुई परीक्षा में बैठने वालों के साथ नाइंसाफी होगी। इस बारे में जब डीएसएसएसबी का पक्ष जानने के लिए चेयरमैन गीतांजलि गुप्ता को फोन किया गया तो उन्होंने उसका जवाब नहीं दिया।

डीएसएसएसबी ने 29 अक्टूबर 2017 को नगर निगम के प्राथमिक शिक्षकों के लिए परीक्षा ली थी, जिसमें 4344 पदों के लिए एक लाख लोगों ने परीक्षा दी थी। मगर पेपर लीक हो जाने पर परीक्षा रद कर दी गई थी। इन्हीं पदों पर इस बार डीएसएसएसबी ने चार चरणों में परीक्षा ली, जिसके तहत 30 सितंबर, 13-14 अक्टूबर व रविवार यानी 28 अक्टूबर को परीक्षा आयोजित हुई। मगर 28 अक्टूबर को हुई परीक्षा में प्रश्नपत्र के भाग दो के एक सौ प्रश्नों में से 18 प्रश्न वही आ गए, जो 30 सितंबर को हुई परीक्षा में आए थे। जातिसूचक प्रश्न पूछने पर मांगी थी माफी : इससे पहले डीएसएसबी ने 13 अक्टूबर को हुए प्रश्न में एक जातिसूचक प्रश्न पूछा था। दिल्ली के अनुसूचित जाति व जनजाति मंत्री राजेंद्र पाल गौतम ने यह मामला उठाया था। उन्होंने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की थी, जिस पर डीएसएसएसबी ने माफी मांगी थी। उस प्रश्न के अंक नहीं दिए गए थे।